नई दिल्ली: दिल्ली के छात्रों को अपना शिक्षा बोर्ड मिल गया है. दिल्ली सरकार ने दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन को आधिकारिक तौर पर रजिस्टर कराया है. एकेडमिक सेशन 2021-22 के लिये दिल्ली सरकार के 20-25 सरकारी स्कूलों को दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन से जोड़ा जाएगा. इन स्कूलों का चयन स्कूल के अध्यापकों, प्रधानाचार्यों और अभिभावकों की राय लेकर किया जाएगा. दिल्ली में फिलहाल 1000 सरकारी स्कूल और 1700 प्राइवेट स्कूल हैं. अभी दिल्ली में अधिकतर स्कूल CBSE से मान्यता प्राप्त हैं.
 
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पहले ही कह चुके हैं कि आगामी 2021-22 शैक्षणिक सत्र में, 20 से 25 स्कूल नए बोर्ड के तहत होंगे. 6 मार्च को, केजरीवाल ने सूचित किया था कि दिल्ली मंत्रिमंडल ने अपने स्कूल शिक्षा बोर्ड – दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के गठन की स्वीकृति दे दी है.
 
उन्होंने कहा था, ''पूरे देश ने देखा है दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में किस कदर क्रांतिकारी परिवर्तन आए हैं. स्कूलों में शिक्षा में सुधार किया गया है. बच्चों के रिजल्ट 98 फीसदी तक आ रहे हैं. ये अंतरराष्ट्रीय स्तर का बोर्ड बनाया जा रहा है. इंटरनेशनल प्रैक्टिस को हम स्कूलों और बोर्ड में लेकर आएंगे. इस साल 20-25 सरकारी स्कूलों को इस बोर्ड में शामिल किया जाएगा. हमें उम्मीद है कि 4-5 साल में स्वेच्छा से सारे सरकारी, निजी स्कूल बोर्ड में शामिल हो जाएंगे.''
 
दिल्ली एजुकेशन बोर्ड का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा था कि दिल्ली एजुकेशन बोर्ड के 3 मुख्य लक्ष्य हैं. पहला- हमें ऐसे बच्चे तैयार करने हैं जो आने वाले समय में देश मे हर क्षेत्र में जिम्मेदारी उठाने को तैयार हों चाहे कोई भी क्षेत्र हो. दूसरा हमारे बच्चे अच्छे इंसान बने चाहे किसी भी धर्म या जाति के हो, अमीर हो या गरीब हो. सब एक दूसरे को इंसान समझे. एक तरफ अपने परिवार की तरफ ध्यान दें तो दूसरी तरफ समाज के तरफ भी ध्यान दें. तीसरा बड़ी बड़ी डिग्री लेने के बाद भी बच्चों को नौकरी नहीं मिल रही लेकिन यह बोर्ड ऐसी शिक्षा प्रणाली तैयार करेगा कि बच्चे अपने पैरों पर खड़े हो ताकि जब वह अपनी पढ़ाई पूरी करके निकले तो वह दर-दर की ठोकरे ना खाए बल्कि उसका रोजगार उसके साथ हो.