Hindusthan Insulators CFO Shailendra Jhalani ने 3 अक्टूबर 2026 से वित्त प्रमुख का पद छोड़ दिया है। Hindusthan Insulators & Industries Ltd ने उसी दिन BSE को दी फाइलिंग में बताया कि यह इस्तीफा उनकी प्रस्तावित Whole-time Director नियुक्ति के चलते दिया गया है। बोर्ड ने उन्हें Deputy Managing Director पदनाम के साथ नियुक्त करने की मंजूरी दी है।

यह नियुक्ति 4 अक्टूबर 2026 से 3 अक्टूबर 2029 तक तीन वर्ष के लिए होगी और सदस्यों की मंजूरी के अधीन है। बोर्ड ने उन्हें 4 अक्टूबर से Additional Director भी नियुक्त किया है। इस पद पर उनका कार्यकाल अगली आम बैठक या नियुक्ति से तीन महीने, जो पहले हो, तक रहेगा। उन्हें Key Managerial Personnel भी नामित किया गया है।

फाइलिंग के अनुसार, Jhalani कंपनी की Insulators & Electricals Company इकाई में मार्केटिंग और उत्पादन सहित वाणिज्यिक गतिविधियों का नेतृत्व करते हैं। उन्हें औद्योगिक इकाई के संचालन में 27 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वह Chartered Accountant और दिल्ली विश्वविद्यालय के Shriram College of Commerce से स्नातक हैं।

बोर्ड में नियुक्ति और अधिकृत पूंजी का प्रस्ताव

  • बोर्ड ने Mool Chand Gauba को Additional Director की श्रेणी में Non-Executive Independent Director नियुक्त किया। स्वतंत्र निदेशक के तौर पर उनका पहला पांच वर्षीय कार्यकाल 3 अक्टूबर 2026 से 2 अक्टूबर 2031 तक प्रस्तावित है, जो सदस्यों की मंजूरी के अधीन है। उन्हें बैंकिंग, वित्तीय प्रबंधन और कॉरपोरेट फाइनेंस का अनुभव है।
  • कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी ₹108.50 करोड़ से ₹121 करोड़ करने का प्रस्ताव मंजूर हुआ। इसके तहत ₹2 अंकित मूल्य वाले अधिकृत इक्विटी शेयरों की संख्या 5.50 करोड़ से 11.75 करोड़ होगी। ₹10 अंकित मूल्य वाले प्रेफरेंस शेयरों की संख्या 9.75 करोड़ रहेगी।
  • पूंजी में यह बदलाव शेयरधारकों और लागू कानूनों के तहत आवश्यक नियामकीय या वैधानिक मंजूरियों के अधीन है। इसके लिए Memorandum of Association का पूंजी संबंधी प्रावधान बदला जाएगा।

सितंबर तिमाही के नतीजे भी मंजूर

बोर्ड ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजे भी मंजूर किए। कंपनी का तिमाही स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ ₹5,536.71 लाख रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹4,330.03 लाख का शुद्ध घाटा था। तुलनात्मक अवधि में ₹4,630.12 लाख का असाधारण नकारात्मक मद दर्ज था; इस तिमाही में ऐसा मद नहीं था।

कंपनी ने ग्वालियर की Conductor Unit के संचालन को मजबूत करने के विकल्पों का मूल्यांकन करने की भी जानकारी दी। इसका उद्देश्य मौजूदा सुविधाओं का बेहतर उपयोग, परिचालन क्षमता बढ़ाना और कंडक्टर क्षेत्र के उभरते कारोबारी अवसरों का उपयोग करना है।