PNB पर जुर्माना: Currency Chest नियमों के उल्लंघन पर RBI ने लगाए ₹8,59,750 के दंड
Punjab National Bank ने Currency Chest नियमों के अनुपालन में चूक पर RBI के चार जुर्मानों की जानकारी दी। बैंक ने देरी की वजह और वित्तीय असर भी स्पष्ट किया है।

Punjab National Bank (PNB) ने 14 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि Reserve Bank of India (RBI) ने उस पर चार मौद्रिक जुर्माने लगाए हैं। PNB पर जुर्माना Currency Chests के परिचालन दिशानिर्देशों का अनुपालन नहीं करने के कारण लगाया गया। चारों दंड की कुल राशि ₹8,59,750 है। बैंक के अनुसार, संबंधित आदेश या संचार उसे 9 और 11 सितंबर 2026 को प्राप्त हुए थे।
यह खुलासा SEBI के Listing Obligations and Disclosure Requirements (LODR) Regulations, 2015 के Regulation 30 के तहत किया गया है। बैंक ने उल्लंघन का संबंध RBI की Master Directions में निर्धारित Currency Chest परिचालन दिशानिर्देशों से बताया है। फाइलिंग में चारों जुर्मानों की रकम और तारीख अलग-अलग दी गई है, लेकिन प्रत्येक राशि के साथ अलग उल्लंघन का विवरण नहीं दिया गया है।
सितंबर में लगाए गए चार जुर्माने
फाइलिंग के मुताबिक, एक जुर्माना 9 सितंबर और तीन जुर्माने 11 सितंबर 2026 को लगाए गए। बैंक की ओर से दी गई राशि और तारीख का विवरण इस प्रकार है:
- 9 सितंबर 2026: ₹2,91,750
- 11 सितंबर 2026: ₹1,33,800
- 11 सितंबर 2026: ₹1,34,600
- 11 सितंबर 2026: ₹2,99,600
वित्तीय, परिचालन या अन्य गतिविधियों पर असर के बारे में PNB ने कहा कि प्रभाव केवल जुर्माने की राशि तक सीमित है। बैंक ने अपने खुलासे में इससे अलग किसी वित्तीय असर की राशि नहीं बताई है। इस तरह निवेशकों के लिए फाइलिंग में उपलब्ध मौद्रिक प्रभाव इन्हीं चार दंडों का योग है।
खुलासे में देरी पर बैंक का स्पष्टीकरण
सितंबर के जुर्मानों की जानकारी अक्टूबर में देने की वजह भी बैंक ने बताई है। PNB के अनुसार, मामला पूरी तरह परिचालन से जुड़ा है और जुर्माने की राशि RBI में रखे बैंक के खाते से सीधे काटी जाती है। ऐसी कटौतियों का पता खातों के समय-समय पर होने वाले मिलान के दौरान चलता है।
बैंक ने कहा कि वह अपनी रिपोर्टिंग प्रणाली मजबूत कर रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की कटौतियों की समय पर पहचान हो सके। कंपनी सचिव Bikramjit Shom के हस्ताक्षर वाला यह खुलासा BSE और National Stock Exchange of India को संबोधित है।
