Patspin India डिफॉल्ट: बैंकों के मूलधन और ब्याज में ₹34.34 करोड़ का भुगतान बकाया
Patspin India ने बैंकों के मूलधन और ब्याज में ₹34.34 करोड़ के डिफॉल्ट की जानकारी दी। BSE फाइलिंग में कुल वित्तीय कर्ज ₹56.67 करोड़ बताया गया है। जानें पूरा

Patspin India डिफॉल्ट की जानकारी कंपनी ने 7 अक्टूबर 2026 को BSE में दाखिल फाइलिंग में दी। इसके अनुसार, 30 सितंबर 2026 की स्थिति में बैंकों से लिए गए ऋण के मूलधन और ब्याज का कुल ₹34.34 करोड़ का भुगतान डिफॉल्ट में था। कंपनी ने यह खुलासा बैंक और वित्तीय संस्थानों के ऋण भुगतान में चूक से संबंधित निर्धारित प्रारूप में किया है।
इस राशि में ₹23.33 करोड़ मूलधन और ₹11.01 करोड़ ब्याज शामिल हैं। फाइलिंग में Central Bank of India, State Bank of India और Karur Vysya Bank Ltd को ऋणदाता बताया गया है। संलग्न विवरण में तीनों बैंकों के बकाया ऋण, देय ब्याज और मूलधन भुगतान की रकम अलग-अलग दर्ज है।
कंपनी ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से कुल बकाया उधारी ₹56.67 करोड़ बताई है। अल्पकालिक और दीर्घकालिक ऋण सहित उसकी कुल वित्तीय ऋणग्रस्तता भी इतनी ही दर्ज है।
तीनों बैंकों के भुगतान का विवरण
फाइलिंग के अनुलग्नक में 30 सितंबर की स्थिति के आधार पर निम्न आंकड़े दिए गए हैं। तालिका में सभी रकम रुपये में हैं, जबकि मुख्य खुलासे में इन्हें करोड़ रुपये में संक्षेपित किया गया है।
| बैंक | बकाया WCTL | देय ब्याज | डिफॉल्ट में मूलधन भुगतान |
|---|---|---|---|
| Central Bank of India | 33,00,00,000 | 6,43,85,360 | 13,58,50,000 |
| State Bank of India | 20,76,70,000 | 4,02,98,819 | 8,55,20,000 |
| Karur Vysya Bank | 2,90,70,000 | 53,66,249 | 1,19,70,000 |
इन तीनों ऋणदाताओं में Central Bank of India के खाते में बकाया ऋण, देय ब्याज और डिफॉल्ट में मूलधन भुगतान की राशि सबसे अधिक है। उसके बाद State Bank of India और Karur Vysya Bank का स्थान है। अनुलग्नक में कुल बकाया WCTL ₹56,67,40,000 दर्ज है।
कुल उधारी और डिफॉल्ट का अलग हिसाब
खुलासे में ₹56.67 करोड़ को बकाया ऋण के मूलधन के रूप में दिखाया गया है। वहीं, ₹34.34 करोड़ की डिफॉल्ट राशि में भुगतान से चूका मूलधन और ब्याज दोनों शामिल हैं। इसलिए ये आंकड़े अलग-अलग वित्तीय मदों को दर्शाते हैं; डिफॉल्ट राशि को केवल बकाया मूलधन नहीं माना जाना चाहिए।
अनुलग्नक के विस्तृत आंकड़ों के अनुसार, डिफॉल्ट में मूलधन भुगतान कुल ₹23,33,40,000 और देय ब्याज ₹11,00,50,428 है। गैर-सूचीबद्ध ऋण प्रतिभूतियों, यानी NCDs और NCRPS, के बकाया तथा डिफॉल्ट संबंधी खानों में कंपनी ने ‘लागू नहीं’ दर्ज किया है।
मुख्य वित्त अधिकारी T Ravindran के हस्ताक्षर वाला यह खुलासा SEBI के 21 नवंबर 2019 के परिपत्र के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उपलब्ध दस्तावेज में भुगतान चूक की वजह या बकाया चुकाने की समयसीमा नहीं बताई गई है।
