Equitas SFB कर्ज कारोबार में सितंबर तिमाही के दौरान बढ़ोतरी दर्ज हुई। Equitas Small Finance Bank Ltd ने 2 अक्टूबर 2026 की BSE फाइलिंग में बताया कि 30 सितंबर 2026 को उसके सकल अग्रिम ₹50,694 करोड़ रहे, जो सालाना आधार पर 29.58% अधिक हैं। कुल जमा 19.03% बढ़कर ₹52,483 करोड़ रही। ये आंकड़े बैंक के तिमाही कारोबारी अपडेट का हिस्सा हैं।

तिमाही में बैंक ने लगभग ₹7,461 करोड़ का ऋण वितरण किया। इसमें पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 38.66% और जून 2026 तिमाही के मुकाबले 9.98% की वृद्धि हुई। सकल अग्रिम तिमाही आधार पर यानी QoQ 6.41% बढ़े, जबकि कुल जमा में 7.16% की वृद्धि रही।

यह जमा और अग्रिम का अपडेट है। इसमें परिचालन राजस्व, कुल आय, कर-पूर्व लाभ, शुद्ध लाभ या EPS के आंकड़े नहीं दिए गए हैं। इसलिए इसे पूर्ण वित्तीय नतीजों या अलग-अलग एकल और समेकित परिणामों के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए।

सितंबर अंत के कारोबारी आंकड़ों की तुलना

मद 30 सितंबर 2026 30 सितंबर 2025 सालाना बदलाव
सकल अग्रिम ₹50,694 करोड़ ₹39,123 करोड़ 29.58% वृद्धि
कुल जमा ₹52,483 करोड़ ₹44,094 करोड़ 19.03% वृद्धि
Micro Finance और Micro Loans ₹6,331 करोड़ ₹3,392 करोड़ 86.65% वृद्धि
अन्य अग्रिम ₹44,363 करोड़ ₹35,731 करोड़ 24.16% वृद्धि
CASA जमा ₹13,480 करोड़ ₹13,622 करोड़ 1.04% गिरावट

चालू और बचत खातों की जमा यानी CASA सालाना आधार पर घटी, लेकिन जून तिमाही से 9.53% बढ़ी। CASA अनुपात जून के 25% से बढ़कर 26% हुआ; एक साल पहले यह 31% था। कोष की लागत जून के 7.05% से बढ़कर 7.12% रही, हालांकि सितंबर 2025 के 7.35% से नीचे थी।

ऋण-जमा अनुपात यानी CD Ratio जून के 92.93% से घटकर 90.55% रहा। अग्रिमों से पुनर्वित्त उधारी घटाने पर यह अनुपात 80.29% था, जबकि जून में 81.25% था।

NPA बिक्री और आंकड़ों की शर्तें

बैंक ने तिमाही में Retail, AHF और MSE खंडों के ₹110 करोड़ के NPA एक Asset Reconstruction Company को बेचे। सकल अग्रिमों में ₹3,171 करोड़ का IBPC, प्रतिभूतिकृत और असाइन किया गया पोर्टफोलियो शामिल है; जून अंत में यह ₹2,126 करोड़ था।

Micro Finance और Micro Loans में शामिल खरीदे गए कृषि ऋणों का Direct Assignment बकाया जून के ₹837 करोड़ से घटकर ₹579 करोड़ रहा। इसे हटाने पर बैंक के कुल अग्रिमों की वृद्धि 28.10% सालाना और 7.08% QoQ रही।

सितंबर 2026 के आंकड़े अस्थायी हैं और संयुक्त वैधानिक लेखापरीक्षकों की समीक्षा तथा ऑडिट समिति और निदेशक मंडल की मंजूरी के अधीन हैं। अग्रिमों के आंकड़े तकनीकी बट्टे खाते के कारण भी बदल सकते हैं।