इतिहास:

भारतीय रेलवे की कार्गो परिवहन को कंटेनराइज करने की रणनीतिक पहल ने भारत को 1966 में अंतर-मोडल माल परिवहन नेटवर्क का हिस्सा बनाया। भारत का विशाल आकार रेल परिवहन को मध्यम और लंबी दूरी पर कार्गो परिवहन के लिए एक किफायती विकल्प बनाता है, विशेषकर यदि अंतर-मोडल ट्रांसफर लागत को न्यूनतम किया जा सके। 1966 में, भारतीय रेलवे ने विशेष कंटेनरों में घरेलू कार्गो के लिए दरवाजे से दरवाजे तक परिवहन की पेशकश शुरू की ताकि परिवहन की चुनौतियों का समाधान किया जा सके।

भारत में पहला आईएसओ कंटेनर 1973 में कोच्चि में हैंडल किया गया था। हालांकि, 1981 में भारतीय रेलवे द्वारा बेंगलुरु के पहले आईसीडी (इंटर कंटेनर डिपो) के लिए पहला कंटेनर अंदरूनी क्षेत्र में परिवहन किया गया, जो भी भारतीय रेलवे द्वारा प्रबंधित था।
 
1988 तक, नेटवर्क का विस्तार होकर सात आईसीडी तक पहुँच गया, जिससे कंटेनर हैंडलिंग क्षमता में वृद्धि हुई। तब यह महसूस किया गया कि भारत में कंटेनरीकरण के विकास को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने और प्रबंधित करने के लिए एक अलग संगठन की आवश्यकता है। 
 
कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CONCOR), एक भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम, निजीकरण के लिए विचाराधीन है। प्रारंभ में इसे वित्तीय वर्ष 2021-2022 में पूरा किया जाना था, लेकिन यह प्रक्रिया अगले वित्तीय वर्ष के लिए स्थगित कर दी गई है। अप्रैल 2022 में, भारतीय सरकार ने भारतीय रेलवे की भूमि लाइसेंसिंग शुल्क को 6% से घटाकर 3% कर दिया ताकि कंपनी के निजीकरण को सुगम बनाया जा सके।

पृष्ठभूमि:

जबसे वैश्वीकरण ने परिवहन क्षेत्र में बदलाव किया है, तभी से राष्ट्रीय सीमाएं व्यवसाय हेतु पारग्मय हो गई हैं जिससे लचीली परिवहन सेवाओं की आवश्यकता हो गई है। इस युग में दो प्रकार के परिवहन माध्यमों से ढुलाई एवं कंटेनरीकरण सह-उत्पाद हैं एवं सामान्य कार्गो की ढुलाई का कायापलट हो गया क्योंकि इनके माध्यम से समुद्री और जमीन के मुख्य मार्गों पर परिवहन सुगम हो गया है। चालीस वर्ष पहले वस्तुओं का निर्यात या आयात करने की भौतिक प्रक्रिया दुष्कर कार्य था।

वस्तुओं को पतन तक लौरी के द्वार ले जाया जाता था, भंडारगृह में उतारा जाता था और फिर एक एक करके समुद्री जहाज पर पुन: लादा जाता था। कंटेनर के माप को मानक बताकर मैलकम मैकनील के कंटेनरीकरण के विचार ने कार्गो परिवहन का आधार बदल दिया और इसके फलस्वरूप, कंटेनर ढुलाई वाले ‘सेलुलर शिप’ के संचालन का मशीनीकरण और उनके संचालन अवधि को घटाकर कुछ ही घंटे कर देने से पत्तनों की उत्पादकता में सुधार हुआ है।

कार्गो के ईकाईकरण से कार्गो के बहुसंचालन को सत्य करने में सहायता मिली और इससे अंतरण तेज, सस्ता और आसान हो गया। चूँकि कंटेनरीकरण का पर्याय ‘कार्गो केयर’ है, अत: यह पूरे विश्व में बडी तेजी से बढ रहा है।

वर्ष के दौरान प्राप्त पुरस्कार और सम्मान:

  • अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक/CONCOR को 18.11.2021 को मुंबई में EXIM 11वीं अखिल भारतीय MALA 2021 के दौरान "डायनामिक लॉजिस्टिक्स पर्सनैलिटी ऑफ़ द ईयर" पुरस्कार श्रेणी के लिए पुरस्कार प्राप्त हुआ।  
  •  CONCOR को 2021 की "फॉर्च्यून इंडिया 500" सूची में 204वां स्थान प्राप्त हुआ। CONCOR भारत की सबसे विश्वसनीय और कुशल कंपनियों में से एक है और इसे नैतिक रूप से बहुत सम्मानित किया जाता है, साथ ही यह लॉजिस्टिक्स में बढ़ते, नवोन्मेषी और अद्वितीय ग्राहक सेवाओं के साथ संरेखित भी है। 
  •  02.12.2021 को सशस्त्र बल ध्वज दिवस CSR सम्मेलन 2021 के दौरान, माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने CONCOR की राष्ट्रीय सेवा में भूमिका को स्वीकार किया और CSR गतिविधियों के तहत प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में CMD/CONCOR को सम्मानित किया।