New Delhi- बोकारो स्टील प्लांट की कोक ओवन बैटरी 4 की 50 वीं वर्षगांठ समारोह का उद्घाटन सेल अध्यक्ष श्रीमती सोमा मंडल निदेशक आई/सी श्री अमरेंदु प्रकाश, ईडी और वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में द्वारा किया गया।
 
बीएसएल के ब्लास्ट फर्नेस 4 को नई डिज़ाइन सुविधाओं से सुसज्जित किया है इसमें अधिक संख्या में ट्यूयर, उन्नत बीएलटी हाइड्रोलिक सिस्टम आदि लगे है।
 
सेल-अध्यक्ष  ने एसएमएस-न्यू में नवनिर्मित अत्याधुनिक ढलाईकार सुविधा का दौरा भी किया।  बोकारो स्टील ने अब अधिक लागत और ऊर्जा कुशल 'निरंतर कास्टिंग प्रक्रिया' के माध्यम से 100% इस्पात उत्पादन हासिल कर लिया है।
 
बोकारो स्टील प्लांट के बारे में-
 
बोकारो इस्पात कारखाना सार्वजनिक क्षेत्र में चौथा इस्पात कारखाना है। यह सोवियत संघ के सहयोग से 1965 में प्रारम्भ हुआ। आरम्भ में इसे 29 जनवरी, 1964 को एक लिमिटेड कम्पनी के तौर पर निगमित किया गया और बाद में सेल के साथ इसका विलय हुआ। 
 
पहले यह सेल की एक सहायक कम्पनी और बाद में सार्वजनिक क्षेत्र लोहा और इस्पात कम्पनियां (पुनर्गठन एवं विविध प्रावधान) अधिनियम 1978 के अंतर्गत एक यूनिट बनाई गई। कारखाने का निर्माण कार्य 6 अप्रैल, 1968 को प्रारम्भ हुआ।
 
यह कारखाना देश के पहले स्वदेशी इस्पात कारखाने के नाम से विख्यात है। इसमें अधिकतर उपकरण, साज-सामान तथा तकनीकी कौशल स्वदेशी ही है। कारखाने का 17 लाख टन इस्पात पिण्ड का प्रथम चरण 2 अक्टूबर, 1972 को पहली धमन भट्टी चालू होने के साथ ही शुरू हुआ तथा निर्माण कार्य तीसरी धमन भट्टी चालू होने पर 26 फरवरी, 1978 को पूरा हो गया। 
 
40 लाख टन चरण की सभी यूनिटें चालू हो चुकी हैं और 1990 के दषक में आधुनिकीकरण से कारखाने की क्षमता बढ़ाकर 45 लाख टन तरल इस्पात की कर दी गई है।
 
बोकारो में हॉट रोल्ड कॉयल, हॉट रोल्ड प्लेट, हॉट रोल्ड शीट, कोल्ड रोल्ड कॉयल, कोल्ड रोल्ड शीट, टिन मिल ब्लैक प्लेट (टीएमबीपी) और गेल्वेनाइज्ड प्लेन तथा कोरुगेटेड (जीपी/जीसी) शीट जैसे सपाट तैयार किए जाते हैं। कारखाने ने मोटरगाड़ी, पाइप और ट्यूब, एलपीजी सिलेण्डर, बैरल और ड्रम तैयार करने वाले उद्योगों सहित अनेक आधुनिकी इंजीनियरी उद्योगों के लिए एक सुदृढ़ कच्चा माल आधार तैयार किया है।