NEW DELHI- एनसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री भोला सिंह ने बुधवार को कोयला उत्पादन की समीक्षा के लिए बीना परियोजना का दौरा किया। उन्होंने आगे जमीनी बलों को प्रेरित किया और देश में बढ़ती ऊर्जा मांग के बीच कोयला उत्पादन और प्रेषण को बढ़ावा देने का आह्वान किया। 
 
श्री सिंह ने सरफेस माइनर फेस, कोल यार्ड, मोबाइल क्रशर, सीएचपी लोडिंग प्वाइंट, एचईएमएम वर्कशॉप आदि का दौरा किया और खनन एवं कोयला प्रेषण का गहन निरीक्षण किया।
 
उत्तर प्रदेश की पहली और सबसे बड़ी कोयला खदान बीना परियोजना है। बीना एक्सटेंशन ब्लॉक मौजूदा बीना पुरानी खान का विस्तार हिस्सा है। परियोजना 6.0 एमटीपीए के लक्षित कोयला उत्पादन के लिए 22.11.2006 को भारत सरकार सरकार द्वारा स्वीकृत है। इस परियोजना में पुरेवा टॉप (8 मीटर), प्यूरव बॉटम (9-10 मीटर) और तुरा सीम (18-20 मीटर) नाम से तीन कोयला सीम हैं।
 
परियोजना में 4.5 एमटीपीए क्षमता का डीशलिंग प्लांट है जो सीएचपी के साथ 34% +/- 1% राख सामग्री कोयला (तैयार उत्पाद) के लिए एकीकृत है तथा यह परियोजना अप कंट्री पावर हाउस - कोटा, सूरतगढ़, राजघाट और पानीपत से जुड़ी हुई है।
 
वर्ष 2014 के लिए ग्रीनटेक फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा पर्यावरण प्रबंधन के लिए बीना परियोजना को ग्रीनटेक अवार्ड (स्वर्ण पदक) से सम्मानित किया गया।