वेस्टर्न कोलफील्ड्स में ड्रोन तकनीक की उपयोगिता एवं इस्तेमाल' विषय पर कार्यशाला संपन्न
<p> <big><span [removed]="" 14.4px;"="">कार्यशाला में सीएमपीडीआई द्वारा पावर पॉइंट के माध्यम से ड्रोन तकनीक के विभिन्न पहलुओं पर प्रेजेंटेशन किया गया। उपरांत ड्रोन निर्माताओं तथा सेवा प्रदाताओं की ओर से 3 प्रेजेंटेशन दिए गए। उपस्थित अधिकारियों ने ड्रोन तकनीक के बारे में विस्तार से जाना। </big></p>

New Delhi- वेकोलि में खनन कार्य को सुरक्षित एवं सुगम बनाने हेतु नित नए पहल किए जा रहे हैं। इसी श्रृंखला में कोयला खदानों में 'ड्रोन तकनीक की उपयोगिता एवं इस्तेमाल' विषय पर आज वेकोलि मुख्यालय में कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में सीएमपीडीआई द्वारा पावर पॉइंट के माध्यम से ड्रोन तकनीक के विभिन्न पहलुओं पर प्रेजेंटेशन किया गया। उपरांत ड्रोन निर्माताओं तथा सेवा प्रदाताओं की ओर से 3 प्रेजेंटेशन दिए गए। उपस्थित अधिकारियों ने ड्रोन तकनीक के बारे में विस्तार से जाना।
कार्यशाला में निदेशक तकनीकी (संचालन) श्री जे. पी. द्विवेदी मुख्य अतिथि के रूप में तथा निदेशक तकनीकी (योजना एवं परियोजना) श्री ए. के. सिंह, सीएमपीडीआई मुख्यालय, रांची से महाप्रबंधक (जिओमेटिक्स) श्री रजनीश कुमार एवं आरआय-4 के रिजनल डायरेक्टर श्री मनोज कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में श्री द्विवेदी ने कहां की नई तकनीक का प्रयोग खनन प्रक्रिया को न केवल सुरक्षित बनाता है बल्कि कार्य क्षमता का विस्तार भी करता है। उन्होंने आगे कहां की खदानों की आवश्यकताओं के अनुरूप ड्रोन तकनीक के प्रयोग से खनन कार्य में आवश्यक सुधार किए जा सकता है। उन्होंने कार्यशाला की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दी।
निदेशक तकनीकी (योजना एवं परियोजना) श्री ए. के. सिंह ने अपने संबोधन में कहां की ड्रोन तकनीक से कार्य संबंधी जानकारी तत्काल उपलब्ध हो पाएगी। इस से निर्णय लेने में सुविधा होगी तथा कार्य में तेज़ी आयेगी।
कार्यशाला में उत्पादन, योजना, पर्यावरण, लैंड एंड रेवेन्यू, सुरक्षा एवं संरक्षण, सिक्योरिटी, विजिलेंस आदि विभागों के विभागाध्यक्ष एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। साथ ही सभी क्षेत्रों के महाप्रबंधक (संचालन) एवं सम्बंधित अधिकारी भी उपस्थित थे।
इस कार्यशाला के आयोजन में महाप्रबंधक (उत्पादन) श्री अलोक ललित कुमार एवं उनकी टीम का विशेष योगदान रहा।
