गेल के बारे में:

यह देश भर में लगभग 16240 किलोमीटर प्राकृतिक गैस पाइपलाइनों के नेटवर्क का स्वामित्व एवं प्रचालन करता है। प्रसार में अभिवृद्धि के लिए गेल कई पाइपलाइन परियोजनाओं के निष्पादन पर एक साथ कार्य कर रहा है। गेल के पास गैस ट्रांसमिशन में ~66% बाजार हिस्सेदारी है और भारत में गैस ट्रेडिंग की हिस्सेदारी ~54% से अधिक है। गेल और इसकी सहायक कंपनियों / संयुक्त उद्यमों की शहरी गैस वितरण में भी एक बड़ी बाजार हिस्सेदारी है। तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एल.एन.जी.) बाजार में गेल का विशाल पोर्टफोलियो है। गेल पेट्रोकेमिकल्स के उत्पादन के लिए गैस का उपयोग करने में भी अग्रणी है एवं उत्तर प्रदेश में इसका एकीकृत 810 के.टी.पी.ए. गैस आधारित पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है।

गेल, असम में 280 के.टी.पी.ए. बी.सी.पी.एल. कॉम्प्लेक्स और गुजरात में 1.1 एम.एम.टी.पी.ए. ओ.पी.ए.एल. परियोजना सहित दो अन्य पेट्रोकेमिकल संयंत्रों का सह-प्रवर्तक है। इसके अलावा, गेल ने कॉरपोरेट इंसोल्वेंसी रिजोल्युशन प्रोसेस (सी.आई.आर.पी.) के माध्यम से 1.25 एम.एम.टी.पी.ए. शुद्ध टेरेफ्थैलिक एसिड (पी.टी.ए.) की जे.बी.एफ. पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (जे.बी.एफ.पी.एल.) का अधिग्रहण किया है। जे.बी.एफ.पी.एल. का नाम बदलकर गेल मैंगलोर पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (जी.एम.पी.एल.) कर दिया गया है और अब यह गेल की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। गेल के पास 10 घरेलू ई.एंड.पी. ब्लॉक, म्यांमार में 2 ई.एंड.पी. ब्लॉक और अमेरिका में 1 शेल गैस परिसंपत्ति में भागीदारी हित हैं।

गेल कोंकण एल.एन.जी. प्राइवेट लिमिटेड का भी प्रवर्तक है जो 5 एम.एम.टी.पी.ए. की डिजाइन क्षमता के साथ दाभोल में एल.एन.जी. रीगैसिफिकेशन टर्मिनल संचालित करता है। गेल भारत में शहरी गैस वितरण व्यापार में अग्रणी है, जिसके सी.जी.डी. व्यापार हेतु भारत में 8 जे.वी. और 3 सहायक कंपनियां हैं, विशेष रूप से दिल्ली में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आई.जी.एल.) और मुंबई में महानगर गैस लिमिटेड (एम.जी.एल.)।

गेल समूह की कंपनियां देश भर में कुल 308 भौगोलिक क्षेत्र (जी.ए.) में से 72 जी.ए. में अधिकृत हैं। गेल 82 लाख पी.एन.जी. ग्राहकों (65%) और 2600 से अधिक सी.एन.जी. स्टेशनों (40%) के माध्यम से देश भर के समुदायों की सेवा करता है। गेल ने इंदौर में सिटी गैस स्टेशन में हाइड्रोजन के मिश्रण के लिए भारत की पहली परियोजना को सफलतापूर्वक आरम्भ किया है। गेल ने मध्य प्रदेश के विजयपुर में 10 मेगावाट क्षमता का अपना पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट स्थापित किया है, जो 4.3 टी.पी.डी. ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करेगा। गेल सौर, पवन और जैव ईंधन जैसे नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है ।

गेल स्टोरी:

कंपनी ​का उदय:

गेल (इंडिया) लिमिटेड को निगमन अगस्‍त, 1984 में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपी एण्‍ड एनजी) के अधीन केन्‍द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) के रूप में किया गया था । प्रारंभ में कंपनी को हजीरा-विजयपुर-जगदीश्‍पुर (एचावीजे) पाइपलाइन परियोजना के निर्माण, प्रचालन एवं अनुरक्षण का उत्‍तरदायित्‍व दिया गया था । यह विश्‍व की वृहदतम अंतर-राज्‍यीय प्राकृतिक गैस पाइपलाइन परियोजनाओं में से एक थी । मूलत: 1800 किमी. लम्‍बी यह पाइपलाइन 1700 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित की गई थी और इसने भारत में प्राकृतिक गैस के बाज़ार के विकास की नींव रखी ।

एचवीजी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन कमीशन:

722.49 करोड़ रुपये मूल्‍य के एचवीजे पाइपलाइन कांट्रेक्‍ट पर फ्रांस की मेसर्स स्‍पाई कपाग के नेतृत्‍व में मेसर्स एनकेके और जापान की टोक्यो इंजीनियरिंग के कंशोर्सियम के साथ 10 मई को हस्‍ताक्षर किए गए जिसमें कम्‍प्रेशर स्‍टेशनों, टर्मिनलों , कैथोडिक प्रोटेक्‍शन प्रणालियों और दूरसंचार तथा दूर-पर्यवेक्षीय प्रणालियों की डिज़ाइन, आपूर्ति, हैंडलिंग, परिवहन, इरेक्‍शन आदि समेकित रूप से शामिल था । हजीरा – विजयपुर खंड में पाइपलाइन डालने का कार्य जून,1987 में पूरा कर लिया गया और इसे जुलाई, 1987 के अंत तक चालू कर दिया गया । पाइपलाइन को मोबलाइजेशन से 9 माह और कांट्रेक्‍ट पर हस्‍ताक्षर होने के 15 माह के अंदर कमीशन कर दिया गया था ।

नवरत्‍न का दर्जा:

भारत सरकार द्वारा वर्ष 1997-98 में गेल के 'उत्‍कृष्‍ट' ट्रैक रिकार्ड को मान्‍यता देते हुए तथा वैश्विक कंपनी बनने की संभावनाओं को देखते हुए नवरत्‍न का दर्जा प्रदान किया और इस प्रकार कंपनी को और अधिक स्‍वायत्‍ता प्रदान की गई ।

दिल्‍ली शहर गैस वितरण हेतु संयुक्‍त उद्यम का गठन:

दिल्‍ली में शहर गैस वितरण परियोजना के लिए 0.33 एमएमएससीएमडी गैस के आबंटन के बाद गेल ने दिल्‍ली में घरेलू और व्‍यावसायिक उपभोक्‍ताओं को गैस आपूर्ति हेतु प्रायोगिक परियोजना प्रारंभ की । दिसंबर 1998 में बीपीसीएल और दिल्‍ली राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र के साथ मिलकर इन्‍द्रप्रस्‍थ गैस लिमिटेड के नाम से एक संयुक्‍त उद्यम का गठन किया गया ।

पाता पेट्रोकेमिकल संयंत्र कमीशन:

यूपी पेट्रोकेमिकल कॉम्‍पलेक्‍स मार्च 1999 में 2404 करोड़ रुपये की लागत से कमीशन किया गया जिसकी डिज़ाइन क्षमता 2,60,000 एचडीपीई और एलएलडीपीई के उत्‍पादन हेतु 3,00,000 टन इथलीन के उत्‍पादन की है ।

गेल का आइकॉनिक नवीन कार्यालय भवन:

22 मंजिले गेल जुबली टॉवर को एलईईडी प्‍लैटिनम हरित भवन मानकों के अनुरूप डिज़ाइन किया गया है । भवन के पास गैस इंजिन जनरेटरों का प्रयोग कर अपना स्‍वयं को बिजली जनन संयंत्र है और रिकवर की गई वेस्‍ट हीट का इस्‍तेमाल एअर कंडीशनिंग प्रणाली को चलाने के लिए किया जाता है । परिसर में प्रकाश हेतु 30 केवी का सोलर पॉवर संयंत्र लगाया गया है । इसका विद्युत लोड इस प्रकार की अन्‍य हाई-राइज़ बिल्डिंग की तुलना में 40 प्रतिशत कम होगा । यह भवन दीवारों पर इन्‍सुलेशन के साथ उच्‍च निष्‍पादन ग्‍लास तथा ऑक्‍युपेंसी और लक्‍स लेवल सेंसरों से सुसज्जित है ।

गेल नेतृत्व:

श्री संदीप कुमार गुप्ता: 

अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, गेल (इंडिया) लिमिटेड श्री संदीप कुमार गुप्ता , एक वाणिज्य स्नातक और द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के अध्येता हैं। गेल में शामिल होने से पूर्व श्री गुप्ता, फॉर्च्यून "ग्लोबल 500" में अग्रणी पीएसयू एकीकृत ऊर्जा कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड और विभिन्न समूह कंपनियों के निदेशक मंडल में अगस्त 2019 से निदेशक (वित्त) के पद पर कार्यरत थे । उनके पास तेल और गैस उद्योग का 34 से अधिक वर्षों का व्यापक अनुभव है तथा उन्होंने वित्त एवं लेखा, ट्रेजरी, मूल्य निर्धारण, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, इष्टतमीकरण, सूचना प्रणाली, कॉर्पोरेट मामले, विधि, जोखिम प्रबंधन आदि का कुशलतापूर्वक प्रबंधन किया है।

श्री गुप्ता इंडियन ऑयल के निगमित कार्यालय में निगमित वित्त, उद्यम जोखिम प्रबंधन, गुवाहाटी रिफाइनरी, गुजरात रिफाइनरी और मथुरा रिफाइनरी जैसी रिफाइनरियों में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे हैं। वे पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों अर्थात्‌ दुबई स्थित आईओसी मिडिल ईस्ट एफजेडई, इंडऑयल मोंटनी लिमिटेड, इंडऑयल ग्लोबल बी वी नीदरलैंड्स और आईओसीएल सिंगापुर पीटीई. लिमिटेड में कार्यानुभव से परिपूर्ण हैं।

उन्हें विभिन्न देशों अर्थात्‌ मध्य पूर्व, रूस, पश्चिम अफ्रीका, यूरोप, संयुक्त राज्य अमेरिका और मेक्सिको आदि से कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी के आयात के लिए सौदों को अंतिम रूप देने के लिए - अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को संभालने का समृद्ध अनुभव है। श्री संदीप कुमार गुप्ता ने आईआईएम कलकत्ता, मैरीलैंड विश्वविद्यालय, वाशिंगटन, हार्वर्ड बिजनेस स्कूल, एक्सएलआरआई जमशेदपुर और आईआईएम, अहमदाबाद जैसे विभिन्न प्रसिद्ध संस्थानों से प्रासंगिक विषयों में महत्वपूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

श्री गुप्ता को वैश्विक महामारी के दौरान वित्तीय एवं जोखिम प्रबंधन के लिए जनवरी, 2021 में आईसीएआई द्वारा "सीए सीएफओ-वृहद कॉर्पोरेट - विनिर्माण और अवसंरचना श्रेणी" जैसा प्रतिष्ठित व्यक्तिगत सम्मान प्राप्त हुआ है तथा मई, 2022 में स्टार्टअपलेन्स.कॉम द्वारा भारत के शीर्ष 30 सीएफओ में भी चुने गए हैं। श्री संदीप कुमार गुप्ता वर्ष 2023-25 के लिए स्टैंडिंग कॉन्फ्रेंस ऑफ पब्लिक इंटरप्राइजेज़ (स्कोप) के अध्यक्ष भी हैं। स्कोप एक शीर्ष प्रोफेशनल संगठन है जो केंद्र सरकार के सार्वजनिक उद्यमों का प्रतिनिधित्व करता है। श्री गुप्ता को हाल ही में इंडिया टुडे समूह द्वारा तेल और गैस क्षेत्र के लिए 'भारत का सर्वश्रेष्ठ सीईओ' अवार्ड से सम्मानित किया गया है।