नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 17 अप्रैल 2023 को दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के निर्माण कार्य पर अपनी राय सबके समक्ष रखी। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगाई जाएगी। रोक न लगाने का कारण यह समझाया गया है कि इस निर्माण कार्य के पुरे हो जाने से लागत में भारी वृद्धि होगी।

तदनुसार, दिल्ली की सीमाओं के भीतर कुल 103.93 किलोमीटर की 6 लाइनों के साथ दिल्ली मेट्रो मार्गों के चरण-IV के निर्माण कार्य को जुलाई 2015 में अंतिम रूप दिया गया था। एरोसिटी से तुगलकाबाद, इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ, लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक, मुकुंदपुर से मौजपुर, जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम, और रिठाला से बवाना और नरेला।
 
कोर्ट में पर्यावरण संबंधी चिंताओं को उठाया गया था जहां न्यायमूर्ति बीआर गवई की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि मेट्रो रेल जैसे विकास कार्य भी एक प्रमुख पहलू है जो लाखों लोगों को साधन प्रदान करेगा और कार्बन उत्सर्जन को कम करेगा क्योंकि सड़क पर वाहनों की संख्या कम हो जाएगी। 
 
 यह भी सलाह दी गई है कि दिल्ली मेट्रो भविष्य में निर्माण कार्यों की योजना सावधानीपूर्वक बनाए।