नई दिल्ली : सार्वजनिक उद्यम चयन बोर्ड (PESB) ने कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निर्देशक के पद के लिए श्री पोलावरापु मल्लिकार्जुन प्रसाद की सिफारिश की है।
 
श्री पी. एम. प्रसाद वर्तमान में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड में सीएमडी के रूप में कार्यरत हैं।
 
पीईएसबी ने ईसीएल, सीएमपीडीआईएल, एनएमडीसी लिमिटेड, बीएसएनएल, भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय राजस्व सेवा (आईटी) के आवेदकों का साक्षात्कार लिया जो निम्नलिखित हैं - 
 
1) श्री अंबिका प्रसाद पांडा, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निर्देशक, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड
 
2) श्री पोलावरापु मल्लिकार्जुन प्रसाद, अध्यक्ष एवं प्रबंध निर्देशक, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड
 
3) श्री मनोज कुमार, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निर्देशक, सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआईएल)
 
4) श्री अमिताभ मुखर्जी, निर्देशक (वित्त), एनएमडीसी लिमिटेड
 
5) श्री प्रभु दयाल चिरानिया, वरिष्ठ महाप्रबंधक, भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल)
 
6) श्री अशोक बरनवाल, अपर मुख्य सचिव, भारतीय प्रशासनिक सेवा
 
7) श्री आलोक सिंह, आयकर आयुक्त, भारतीय राजस्व सेवा (आईटी)
 
श्री पी.एम. प्रसाद के बारे में :
 
01 सितम्बर, 2020 को श्री पी.एम. प्रसाद ने सेन्ट्रेल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) में अध्यक्ष-सह-प्रबंध निर्देशक का पदभार संभाला था। इससे पूर्व श्री प्रसाद भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबन्धक निर्देशक के रूप में कार्यरत थे।.
 
श्री पी.एम. प्रसाद ने 1984 में ओस्मा्निया विश्वविद्यालय से बीई (खनन) में स्नातक करने के बाद अगस्त 1984 में कोल इंडिया लिमिटेड में नियुक्त हुए और तब से अप्रैल 2015 तक उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारी से महाप्रबंधक तक के विभिन्न पदों पर वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्लूसीएल) एवं महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) में अपना योगदान दिया। श्री प्रसाद ने 1991 में इंडियन स्कूल ऑफ माइंस, धनबाद से ओपन कास्ट माइनिंग में एम. टेक किया। श्री प्रसाद ने 1988 में डीजीएमएस द्वारा आयोजित फर्स्ट क्लास माइंश मैनेजर सर्टिफिकेट प्राप्त किया। उन्होने 1997 में नागपुर विश्वविद्यालय से लॉ में स्नातक की डिग्री भी हासिल की है।
1994-95 में डब्ल्यूसीएल की डीआरसी खदान में भूमिगत आग से प्रभावित क्षेत्र में पुन: खनन आरंभ करने के लिए उन्हें 1995 में सचिव, कोयला मंत्रालय, भारत सरकार तथा अध्यक्ष, कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा सर्वश्रेष्ठ खान प्रबंधक के रूप में प्रशंसा-पत्रप्रदान कर सम्मानित किया गया।
 
मार्च 2012 से लिंगराज क्षेत्र, एमसीएल के महाप्रबंधक के रूप में श्री प्रसाद नेकनिहा ओपनकास्ट कोयला परियोजना की शुरूआत करते हुए सफलतापूर्वक संचालन की जिम्मेदारी निभायी हैं। मई 2015 में वे एनटीपीसी में कार्यकारी निर्देशक (कोयला खनन) के रूप में नियुक्त हुए। उन्हें एमडीओ परियोजनाओं के आवंटन की परक्रिया में तेजी लाने तथा पकरीबरवाडीह कोयला ब्लॉक (एनटीपीसी की पहली परियोजना) के आवंटन और शेष कोयला ब्लॉकों के लिए एनआईटी जारी करने का श्रेय जाता है ।
 
मार्च 2016 में उन्होंने एनटीपीसी हजारीबाग, झारखंड के परियोजना के कार्यकारी निर्देशक सह प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला और पकरीबरवाडीह कोल ब्लॉक में कोयला खनन परिचालन शुरू करने की चुनौती स्वीकार की। फरवरी 2017 में वहां कोयला उत्पादन शुरू हुआ। 16 फरवरी, 2017 को माननीय कैबिनेट मंत्री श्री अरुण जेटली, माननीय कोयला मंत्री श्री पीयूष गोयल और माननीय राज्य मंत्री श्री जयंत सिन्हा की उपस्थिति में झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा झंडी दिखाकर प्रथम कोयला रेक का प्रेषण किया गया। परियोजना प्रमुख के रूप में उनके इस कार्यकाल के दौरान,पकरीबरवाडीह परियोजना को 2016 में कोयला खनन परियोजनाओं के लिए स्वर्ण शक्ति पुरस्कार में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 
 
फरवरी 2018 से जुलाई 2019 तक श्री प्रसाद कोल इंडिया लिमिटेड की एक सहायक कंपनी एनसीएल के निर्देशक तकनीकी (परियोजना एवं योजना) रहे। एनसीएल को पर्यावरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जून, 2018 को प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन के दौरान वर्ष के सर्वश्रेष्ठ हरित व्यापार नेता के साथ सम्मानित किया गया।
 
02 अगस्त 2019 को भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निर्देशक के पद को सुशोभित करने से पहले उन्हें डब्ल्यूसीएल और बीसीसीएल के निर्देशक (तकनीकी) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था।