नई दिल्ली : श्री नन्‍द लाल शर्मा, अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने सूचित किया कि एसजेवीएन ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान अब तक का सर्वाधिक 3299 करोड़ रुपए का राजस्व दर्ज किया है। गत उच्चतम राजस्‍व वित्तीय वर्ष 2014-15 में दर्ज किया गया था जब यह 3256 करोड़ रुपए था।  उन्होंने आगे कहा कि राजस्‍व में गत वर्ष के 2626 करोड़ रुपए की तुलना में 25.67% की वृद्धि दर्ज की गई है।  बोर्ड ने 1.77 रुपए प्रति शेयर (10 रुपए प्रति शेयर की फेस वैल्‍यू पर) के लाभांश की भी अनुशंसा की है।
 
श्री नन्‍द लाल शर्मा ने आगे बताया कि एसजेवीएन ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में कर पश्चात लाभ (पीएटी) 1363.45 करोड़ रुपए दर्ज किया है जो गत वित्तीय वर्ष की तुलना में 9.48% अधिक है। जबकि एसजेवीएन का नेटवर्थ 13128 करोड़ रुपए से बढ़कर 13822 करोड़ रुपए हो गया, जिसमें लगभग 694 करोड़ रुपए की वृद्धि है।
श्री शर्मा ने आगे कहा कि कर पूर्व लाभ में वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान 1343.44 करोड़ रुपए की तुलना में 28.93% की वृद्धि हुई है जो 1732.13 करोड़ रुपए है। इस अवधि के दौरान प्रति शेयर आय (ईपीएस) भी 34.61% की वृद्धि के साथ 2.60 रुपए से बढ़कर 3.50 रुपए हो गई है।
 
श्री शर्मा ने आगे बताया कि एसजेवीएन ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए अपने महत्वाकांक्षी पूंजीगत व्यय लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है।  8240 करोड़ रुपए के साथ, कंपनी ने भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा निर्धारित 8,000 करोड़ रुपए के लक्ष्य को पार किया है।  माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा माननीय केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री आर के सिंह के मार्गदर्शन में, एसजेवीएन ने राष्ट्र के आर्थिक और ढांचागत विकास में योगदान करने के लिए यह लक्ष्य हासिल किया है।
श्री शर्मा ने अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए विद्युत सीपीएसई में 8,000 करोड़ रुपए का कैपेक्स लक्ष्य तीसरा सबसे बड़ा लक्ष्‍य था।  इस उपलब्धि से और दृढ़ हुए विश्‍वास और उच्‍च मनोबल के साथ एसजेवीएन अब वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 10,000 करोड़ रुपए के विशाल पूंजीगत व्यय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तैयार है। वर्तमान में एसजेवीएन अखिल भारत एवं पड़ोसी देश नेपाल में 14 विद्युत परियोजनाओं और 2 ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण कर रहा है।
 
एसजेवीएन ने विद्युत उत्पादन में अपना अनुकरणीय निष्‍पादन जारी रखा है और गत वर्ष के 9207 मिलियन यूनिट के उत्पादन को पार करते हुए वित्‍तीय वर्ष 2022-23 में अपने सभी पावर स्टेशनों से 9283 मिलियन यूनिट का उत्‍पादन हासिल किया है।