NEW DELHI- एसईसीएल, गेवरा क्षेत्र द्वारा सीएसआर मद अंतर्गत 10 शासकीय छात्रावासों के जर्जर भवन के रिनोवेशन/मरम्मत कार्य हेतु द्वितीय किश्त रु. 40.95 लाख का चेक़ कार्यालय ज़िला कलेक्टर, कोरबा को जमा किया गया। 
 
उक्त शासकीय छात्रावासों/आश्रमों में कोरबा ज़िले के सुदूर वनांचल आदिवासी क्षेत्रों के गरीब बच्चे निवासरत होकर पढ़ाई करते हैं। एसईसीएल, गेवरा क्षेत्र ग्रामीण विकास एवं सामुदायिक विकास हेतु सीएसआर मद अंतर्गत परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में अनेक सीएसआर गतिविधिया निरंतर संचालित करता रहता हैं।
 
साउथ ईस्टर्स कोलफील्ड्स खदाने मध्यप्रदेश एवं छतीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में फैली है तथा अपेक्षाकृत हिस्सों में बसी है। खनन गतिविधियां स्थानीय लोगों के जीवन को भी प्रभावित करती है। इसका एक सामान्य प्रमाण यह देखने को मिलता है कि उत्पादन की गतिविधियों से मूल निवासियों के जीवन स्तर में बदलाव आता है तथा कालांतर में क्षेत्र का आर्थिक सामाजिक परिदृश्य बदलने लगता है।
 
वृहत सामाजिक कल्याण के लक्ष्य से एसईसीएल द्वारा उत्तरदायित्व के अनेक गतिविधियों संचालित की जाती है। खनन के जरिये लोगों के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव के दृष्टिगत सीएसआर के अंतर्गत  एसईसीएल की सामान्य कोशिश संचालन क्षेत्रों के आस-पास के रहवासियों के जीवन में समृद्धिका प्रयास करना है।
 
सीएसआर गतिविधियों का संचालन इस प्रकार किया जाता है कि भू विस्थापित, परियोजना प्रभावित लोग एवं एसईसीएस परियोजना के 25 किमी के दायरे में रहने वाले लोग इसके प्राथमिक हितग्राही हो सके।
 
संगत तरीके से सब तक विकास पहुंचाने के उद्देश्य से कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा इसकी सभी अनुषंगी कंपनियों के लिये लागू सीएसआर नीति तैयार की गई है।