रेलटेल को मध्य प्रदेश सरकार से उनके एसडीसी के विस्तारण और डिज़ास्टर रिकवरी सेंटर की स्थापना के लिए मिला ऑर्डर
<div> <big>यह आर्डर खुली प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त किया गया है। उक्त परियोजना में पांच वर्ष की अवधि के लिए मध्य प्रदेश में एक डिज़ास्टर रिकवरी सेंटर की स्थापना के साथ-साथ मध्य प्रदेश में एक स्टेट डेटा सेंटर का अपग्रेडेशन, चालू करना और प्रबंधन शामिल है।</big></div> <div> </div>

NEW DELHI- रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, जो रेल मंत्रालय के अधीन एक सीपीएसयू को मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डिवेलप्मन्ट कॉर्पोरेशन लि. (MPSEDC), जो मध्य प्रदेश सरकार का एक उपक्रम है, से उनके स्टेट डेटा केंद्र (SDC) के विस्तारण और डिज़ास्टर रिकवरी (DR) सेंटर की स्थापना का ऑर्डर प्राप्त किया है।
इस वर्क आर्डर का मूल्य 97.64 करोड़ रुपये (जीएसटी को छोड़कर) है, जो जीएसटी को शामिल करने के बाद 115 करोड़ रुपये (जीएसटी सहित) हो जाता है।
यह आर्डर खुली प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त किया गया है। उक्त परियोजना में पांच वर्ष की अवधि के लिए मध्य प्रदेश में एक डिज़ास्टर रिकवरी सेंटर की स्थापना के साथ-साथ मध्य प्रदेश में एक स्टेट डेटा सेंटर का अपग्रेडेशन, चालू करना और प्रबंधन शामिल है।
स्टेट डेटा सेंटर (SDC) की राज्य और उसके संघटक विभागों/संगठन के ई-गवर्नेस एप्लिकेशन्स की होस्टिंग और प्रबंधन के लिए साझा, विश्वसनीय और सुरक्षित अवसंरचनात्मक सेवा केंद्र के रूप में कल्पना की गयी है। यह राज्य के केंद्रीय भंडार, सुरक्षित डेटा संग्रहण, सेवाओं की ऑनलाइन डिलीवरी, नागरिक सूचना/सेवा पोर्टल, स्टेट इंट्रानेट पोर्टल, डिज़ास्टर रिकवरी, दूरस्थ प्रबंधन और सर्विस इंटीग्रेशन जैसी कई प्रयोजनमूलक सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
स्टेट डेटा सेंटर (SDC), जी2जी, जी2सी और जी2बी सेवाओं के सुरक्षित, विश्वसनीय और कुशल वितरण की सुविधा उपलब्ध कराएगा जिससे अंतिम उपयोगकर्ता संतुष्टि में सुधार होगा। कृत्रिम अथवा प्राकृतिक आपदाओं की वजह से होने वाले को महंगे सेवा व्यवधानों से बचाव के लिए डिज़ास्टर रिकवरी (DR) सेवाओं की आवश्यकता होती है।
इस परियोजना के पूरा होने पर नागरिक को एक माउस क्लिक पर ई-गवर्नेस एप्लिकेशन्स से जुड़ी अधिक नागरिक केंद्रित लाभकारी योजनाएं उपलब्ध होंगी और नागरिकों को सेवाओं के डिलीवरी में सुधार करने में सहयोग मिलेगा।
इससे विभिन्न सरकारी पहलों, सार्वजनिक व्यय और योजनाओं में पारदर्शिता, दक्षता और प्रभावशीलता में सुधार होगा। इस प्रोजेक्ट का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि SDC राष्ट्रीय ई-गवर्नेस योजना (एनईजीपी) के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के रूप में उभर कर सामने आया है।
इसके बारे में बात करते हुए, श्री पुनीत चावला, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने कहा, "रेलटेल ने स्वयं को एक प्रमुख सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) प्रदाता के रूप में और देश में सबसे बड़े तटस्थ दूरसंचार अवसंरचना प्रदाताओं में से एक के रूप में स्थापित किया है।
इस प्रतिष्ठित परियोजना को प्राप्त करना यह सिद्ध करता है कि सुदृढ़ प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता प्रक्रिया उत्कृष्टता और बेहतर निष्पादन क्षमताओं के आधार पर घरेलू आईटी क्षेत्र में रेलटेल की प्रमुख स्तिथि है। इसके साथ, रेलटेल अन्य स्टेट डेटा सेंटर (SDC) परियोजनाओं को भी प्राप्त करने की स्थित में है।
रेलटेल के बारे में:
रेलटेल, रेल मंत्रालय के अधीन एक "मिनी रत्न (श्रेणी-I)" केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है, जो देश के सबसे बड़े तटस्थ दूरसंचार अवसंरचना प्रदाताओं में से एक है, जिसके पास देश के कई कस्बों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को कॅवर करने वाला एक अखिल भारतीय ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क है। ऑप्टिक फाइबर के 61000 से अधिक मार्गकिलोमीटर के एक मजबूत विश्वसनीय नेटवर्क के साथ, रेलटेल के पास दो इलैक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के पैनल वाले टियर III डेटा सेंटर भी हैं।
अपने अखिल भारतीय उच्च क्षमता नेटवर्क के साथ, रेलटेल विभिन्न फ्रंटों पर एक नॉलेज़ सोसाइटी बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है और इसे दूरसंचार क्षेत्र में भारत सरकार के लिए विभिन्न मिशन मोड परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए चुना गया है।
रेलटेल एमपीएलएस-वीपीएन, टेलीप्रेजेंस, लीज्ड लाइन, टॉवर को-लोकेशन, डाटा सेंटर सेवाएं आदि जैसी सेवाओं का एक समूह उपलब्ध कराता है। रेलटेल देश भर में रेलवे स्टेशनों पर सार्वजनिक वाई-फाई उपलब्ध कराकर रेलवे स्टेशनों को डिजिटल हब में बदलने के लिए भारतीय रेलवे के साथ भी कार्य कर रहा है और रेलटेल के रेलवॉयर वाई-फाई से कुल 6100 स्टेशन लाइव हैं।
