नई दिल्ली : रेल मंत्रालय के केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम आरवीएनएल को नवरत्न कंपनी का दर्जा हासिल हो गया है। आरवीएनएल (रेल विकास निगम लिमिटेड) को 24 जनवरी 2003 को पीएसयू के रूप में निगमित किया गया था और इसका उद्देश्य फास्ट ट्रैक आधार पर रेलवे के बुनियादी ढांचे की क्षमताओं के निर्माण और वृद्धि से संबंधित परियोजनाओं का कार्यान्वयन और एसपीवी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त बजटीय संसाधनों को जुटाना था। निर्देशक मंडल की नियुक्ति के साथ 2005 में कंपनी का परिचालन शुरू हुआ था। कंपनी को सितंबर 2013 में मिनी रत्न का दर्जा दिया गया था। कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी 3000 करोड़ रुपये है। 

आरवीएनएल को निम्नलिखित काम सौंपे गए हैं :
 
क) पूर्ण परियोजना जीवन चक्र को कवर करने वाली परियोजनाओं के विकास एवं सम्बंधित कार्यों का निष्पादन करना।
 
ख) यदि आवश्यक हो तो व्यक्तिगत कार्यों के लिए परियोजना केंद्रित एसपीवी बनाना।
 
ग) आरवीएनएल द्वारा एक रेलवे परियोजना पूरी किए जाने पर संबंधित क्षेत्रीय रेलवे इसका संचालन और रखरखाव करेगा।

आरवीएनएल को “नवरत्न” का दर्जा मिलने से उसके अधिकार, परिचालन स्वतंत्रता और वित्तीय स्वायत्तता में बढ़ोतरी हो गई है और इससे आरवीएनएल की प्रगति को पर्याप्त प्रोत्साहन मिलेगा। यह दर्जा मिलना इसलिए भी अहम है क्योंकि आरवीएनएल भारतीय रेलवे से आगे बढ़कर विदेशों में स्थित परियोजनाओं में भी अपना विस्तार कर रही है।