वस्तुनिष्ठ आत्म-अवलोकन से हिन्दी राजभाषा के उपयोग में गुणात्मक सुधार संभव -श्री भोला सिंह
<p> <big><span [removed]="" 14.4px;"="">एनसीएल मुख्यालय में राजभाषा पखवाड़े के समापन समारोह के दौरान सीएमडी, एनसीएल श्री भोला सिंह बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में सीएमडी श्री भोला सिंह ने कहा कि पखवाड़े का उद्देश्य है कि राजभाषा हिन्दी हम सभी के आचरण व व्यवहार की भाषा के रूप में स्थापित हो।</big></p>

New Delhi- भारत सरकार की मिनीरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्डस लिमिटेड(एनसीएल) के मुख्यालय में बुधवार को राजभाषा पखवाड़ा 2022 का समापन समारोह आयोजित हुआ। एनसीएल में मुख्यालय सहित सभी परियोजनाओं एवं इकाइयों में 14 से 28 सितंबर 2022 तक राजभाषा पखवाड़े का आयोजन किया गया था।
एनसीएल मुख्यालय में राजभाषा पखवाड़े के समापन समारोह के दौरान सीएमडी, एनसीएल श्री भोला सिंह बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में सीएमडी श्री भोला सिंह ने कहा कि पखवाड़े का उद्देश्य है कि राजभाषा हिन्दी हम सभी के आचरण व व्यवहार की भाषा के रूप में स्थापित हो।
श्री सिंह ने कहा कि भाषा का किसी देश की राष्ट्रीय एकता, अखंडता और समृद्धि में बड़ा योगदान होता है और हम सभी का यह संवैधानिक दायित्व है कि हम अधिकाधिक कार्य राजभाषा में करें। विगत वर्ष की तुलना में वस्तुनिष्ठ तरीके से मूल्यांकन कर कार्यालयीन कार्यों में राजभाषा के प्रयोग में गुणात्मक सुधार हेतु एनसीएल कर्मियों से आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान एनसीएल के निदेशक (तकनीकी/संचालन) डॉ अनिंद्य सिन्हा, निदेशक(वित्त) श्री रजनीश नारायण, कंपनी जेसीसी सदस्य बीएमएस से श्री अरुण कुमार दुबे , सीएमएस से श्री अजय कुमार, आरसीएसएस से श्री बी एस बिष्ट, एचएमएस से श्री अशोक कुमार पाण्डेय तथा सीएमओएआई के महासचिव श्री सर्वेश सिंह बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। इसके साथ ही महाप्रबंधक(कार्मिक/राजभाषा) श्री एस एस हसन, क्षेत्रीय महाप्रबंधकगण, मुख्यालय के विभागाध्यक्ष,अधिकारी व कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में विद्यालयों के बच्चे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान डॉ अनिंद्य सिन्हा ने सभी एनसीएल कर्मियों को राजभाषा पखवाड़े के सफल आयोजन की बधाई देते हुए कहा कि राजभाषा हिन्दी जनमानस की भाषा है और विश्व की सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि भारतीय लोगों ने विश्व के कोने-कोने में हिन्दी भाषा को पहुंचाया है और विदेशी धरती पर हिन्दी में संवाद मन को सुकून देता है।
इस दौरान एनसीएल के निदेशक (वित्त) श्री रजनीश नारायण ने कहा कि भारत भूमि विश्व कि विभिन्न संस्कृतियों को आत्मसात करने के लिए जानी जाती है, ठीक वैसे ही हिन्दी ने भी अनेक भाषाओं को आत्मसात किया है। उन्होंने कहा कि हिन्दी देश की सर्वाधिक बोली व समझी जाने वाली भाषा है और हमारी राष्ट्रीय व सांस्कृतिक एकता की प्रतीक है। श्री नारायण ने कहा कि हम अपने कार्यालयीन कार्यों को राजभाषा में ही करने का प्रयास करें तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
अपने उद्बोधन के दौरान जेसीसी एवं अधिकारी संघ के प्रतिनिधियों ने एनसीएल को राजभाषा पखवाड़े के सफल आयोजन की बधाई दी और एनसीएल कर्मियों से कार्यालयीन कार्यों में राजभाषा हिन्दी के प्रयोग का आह्वान किया।
एनसीएल मुख्यालय के अधिकारी क्लब में संपन्न इस समारोह में महाप्रबंधक (कार्मिक/ राजभाषा) श्री एसएस हसन ने स्वागत भाषण दिया और पखवाड़े के दौरान आयोजित गतिविधियों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी ।
राजभाषा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए परियोजनाओं व कर्मियों को मिला सम्मान
राजभाषा के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए कृष्णशिला व खड़िया क्षेत्र को स्वर्गीय श्री शंकर दयाल सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कृष्णशिला को प्रथम व खड़िया को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में राजभाषा पखवाड़े के दौरान आयोजित की गयी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर कुछ एनसीएल कर्मियों द्वारा काव्य पाठ एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं।
इस पखवाड़े के दौरान राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं कार्यालयीन कार्यों में इसके प्रयोग को बढ़ावा दिये जाने हेतु राजभाषा कार्यान्वयन, टिप्पण लेखन, कंप्यूटर पर हिंदी टंकण, निबंध लेखन, तात्कालिक भाषण, प्रश्न मंच, टंग ट्विस्टर, काव्य पाठ जैसी अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था।
