नई दिल्ली : एनटीपीसी और सीएमपीडीआई ने 06 मई 2023 को एनटीपीसी की कोयला खनन परियोजनाओं के खनन कर्मियों को खनन सेवाओं में दिए जाने वाले परामर्श और प्रशिक्षण पर श्री मनोज कुमार (अध्यक्ष-सह-प्रबंध निर्देशक), सीएमपीडीआई एवं श्री पार्थ मजूमदार (क्षेत्रीय कार्यकारी निर्देशक कोयला खनन, एनटीपीसी) की उपस्थिति में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया। इस दौरान एनटीपीसी कोयला खनन मुख्यालय, रांची और सीएमपीडीआई, रांची के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस समझौता ज्ञापन पर श्री तरुण कुमार कोनार, महाप्रबंधक (तकनीकी सेवाएं), एनटीपीसी और श्री राजेश कुमार अमर, विभागाध्यक्ष (व्यवसाय विकास), सीएमपीडीआई द्वारा भी हस्ताक्षर किया गया।

इस समझौता ज्ञापन पर एनटीपीसी के विचार
इस रेड (कोयला खनन) अवसर पर बोलते हुए, एनटीपीसी ने कहा कि '72 गीगावाट से अधिक की स्थापित क्षमता के साथ एनटीपीसी भारत की सबसे बड़ी एकीकृत बिजली कंपनी बनने में 130 गीगावाट फर्म में विविध ईंधन मिश्रण के साथ आगे बढ़ रही है और साल 2032 तक उत्पादन के मामले में इसे 600 बीयू कंपनी बनने का लक्ष्य है। वर्तमान में एनटीपीसी का कोयला खनन प्रभाग एनटीपीसी के थर्मल स्टेशनों को आंशिक रूप से ईंधन दे रहा है, और आने वाले दिनों में एनटीपीसी की ईंधन सुरक्षा के लिए अपने योगदान को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।'
 
एनटीपीसी अपनी 4 कोयला उत्पादक खदानों यानी पकड़ी बरवाडीह; चट्टी बरियातु; दुलंगा; और तलाईपल्ली से संचालन को बढ़ा रही है। एनटीपीसी ने इस वित्तीय वर्ष में केरंदारी खदान से खनन कार्य को भी शुरू किया है। उन्होंने यह भी साझा किया कि, एनटीपीसी ने पिछले वित्तीय वर्ष 22-23 में 14.02 मिलियन मीट्रिक टन की तुलना में 23.20 मिलियन मीट्रिक टन के कोयले के उत्पादन के साथ 65% की अभूतपूर्व वृद्धि का प्रदर्शन किया था। इसके साथ ही एनटीपीसी अगले पांच वर्षों में अपनी खानों की निर्धारित अधिकतम रेटेड क्षमता हासिल करने की योजना बना रही है, और वाणिज्यिक कोयले की नीलामी में भागीदारी के माध्यम से अन्य कोयला खदानों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने आगे बताया कि एनटीपीसी ने एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड (एनएमएल) नामक एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी को केंद्रित दृष्टिकोण के साथ एक समर्पित कार्यबल बनाकर अपने खनन व्यवसाय को चलाने के लिए शामिल किया है जिसने पूरे खनन क्षेत्र को व्यापार वृद्धि के लिए खोल दिया है। उन्होंने यह भी साझा किया कि सीएमपीडीआई के माध्यम से पहले किए गए कार्य उपयोगी रहे हैं। यह समझौता ज्ञापन सहयोग क्षेत्रों को व्यापक करेगा और एनटीपीसी/एनएमएल के भविष्य के कोयला उत्पादन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समर्थन और मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
समझौते पर सीएमपीडीआई के सीएमडी के विचार
सीएमपीडीआई के सीएमडी ने इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से एनटीपीसी द्वारा किए गए भरोसे के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी टीम की तरफ से भी पूरी प्रतिबद्धता सुनिश्चित की। उन्होंने इसे अन्वेषण को एक संसाधन मूल्यांकन, नियोजन, इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग, सर्वे, पर्यावरण प्रबंधन, आदि के विशाल अनुभव के साथ साझा किया। सीएमपीडीआई एनटीपीसी की सभी खानों को पूरे दिल से समर्थन देगा और एनटीपीसी के खनन कर्मियों को प्रशिक्षण देकर क्षमता निर्माण और कौशल वृद्धि में भी योगदान देगा।