खान मंत्रालय करेगा AKAM प्रतिष्ठित सप्ताह समारोह के तहत छठे राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन; केंद्रीय गृह मंत्री होंगे मुख्य अतिथि
<p> <big><span [removed]="" 14.4px;"="">केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। केंद्रीय खान, कोयला और संसदीय कार्य मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी इस एक दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इसमें खान, कोयला और रेलवे राज्य मंत्री श्री रावसाहिब पाटिल दानवे, खान मंत्रालय में सचिव श्री आलोक टंडन और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।</big></p>

NEW DELHI- खान मंत्रालय आजादी का अमृत महोत्सव (एकेएएम) आइकॉनिक सप्ताह समारोहों के तहत 12 जुलाई, 2022 को खान एवं खनिज पर छठवें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करेगा। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। केंद्रीय खान, कोयला और संसदीय कार्य मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी इस एक दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इसमें खान, कोयला और रेलवे राज्य मंत्री श्री रावसाहिब पाटिल दानवे, खान मंत्रालय में सचिव श्री आलोक टंडन और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
सम्मेलन की कुछ मुख्य बातों में खनन के क्षेत्र मे सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों को राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार राष्ट्रीय खनिज विकास पुरस्कार, माइनिंग ट्रीटमेंट सिस्टम (एमटीएस) के तीन मॉड्यूलों का शुभारम्भ, वर्ष 2020-21 के लिए 5- स्टार रेटेड खदानों के लिए पुरस्कार और राष्ट्रीय भू विज्ञान पुरस्कार-2019 शामिल हैं। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के तहत नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (एनएमईटी) द्वारा तकनीक सत्र और खनन में स्वचालन पर सत्र का आयोजन होगा। विभिन्न खनन कंपनियों के सीईओ गोलमेज चर्चा के दौरान भारत के खनन क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों विचार मंथन करेंगे।
दोपहर के सत्र में,समारोह के दौरान राज्य सरकारों और कोयला मंत्रालय को नए खनन ब्लॉकों का प्रस्तुतीकरण और सफल नीलामी एवं ब्लॉकों की पहचान के लिए राज्यों को प्रोत्साहन उपलब्ध कराना शामिल है।
डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफ) के तहत अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्य अपनी उपलब्धियों का प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शनी में लगे डिजिटल कियोस्क के माध्यम से पिछले 75 साल के दौरान अन्वेषण और खनन विकास का प्रदर्शन किया जाएगा। एक डिजिटल बुकलेट खनन क्षेत्र में सुधारों के बारे में बताएगी, जो सम्मेलन का एक अन्य आकर्षण होगा।
खान मंत्रालय ने केंद्र सरकार के अधिकारियों जैसे विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद के लिए एक मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 2016 में राष्ट्रीय खनन सम्मेलन की अवधारणा पेश की थी। इन हितधारकों में नीति निर्माता, राज्य सरकार के अधिकारी आते हैं, जो वास्तव में नीलामी व्यवस्था का क्रियान्वयन करते हैं। इसके अलावा, इनमें उद्योग और उद्योग संगठन भी शामिल हैं।
खान एवं खनिज पर राष्ट्रीय सम्मेलन को प्रमुख नीतिगत पहलों को प्रदर्शित करने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करने और खनिज क्षेत्र के निरंतर विकास के लिए मूल्यवान फीडबैक प्राप्त करके सरकार की मदद करने में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जाता है।
