कुंडली: मज़बूत उद्योग-अकादमिक सहयोग स्थापित करने और सरकार की ‘स्किल इंडिया’ पहल को बढ़ावा देने के लिए, भारत के सबसे बड़े स्टेनलेस स्टील उत्पादक जिंदल स्टेनलेस ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (निफ्टेम) में 'जिंदल स्टेनलेस गैलरी' की स्थापना की। 
 
निफ्टेम खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत एक शीर्ष संस्थान है। निफ्टेम परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में माननीय केंद्रीय मंत्री श्री पशुपति कुमार पारस ने 'जिंदल स्टेनलेस गैलरी' का उद्घाटन किया। 
 
इस अवसर पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव, श्री मिन्हाज आलम (आईएएस); एसआईओ, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, श्री संजय गुप्ता; माननीय सांसद, सोनीपत, हरियाणा, श्री रमेश कौशिक; उपायुक्त, सोनीपत, हरियाणा, श्री शांतनु शर्मा और निफ्टेम के कुलपति, डॉ चिन्दी वसुदेवप्पा भी उपस्थित थे। 
 
जिंदल स्टेनलेस के प्रबंध निदेशक श्री अभ्युदय जिंदल ने इस पहल पर कहा, “हम उद्देश्य एक ऐसा तंत्र स्थापित करना है जिससे स्टेनलेस स्टील अनुप्रयोगों में उद्यमिता को महत्व मिल सके।
 
निफ्टेम के साथ यह सहयोग खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में युवा पेशेवरों को शिक्षित करेगा और 'एफ एंड बी' उद्योग में सबसे स्वच्छ और टिकाऊ धातु के उपयोग को बढ़ावा देगा।
 
इस पहल के साथ, हम भारतीय खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में स्टेनलेस स्टील के उपयोग के लिए राष्ट्रीय मानक स्थापित करने की उम्मीद करते हैं।
 
जिंदल स्टेनलेस ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में स्टेनलेस स्टील के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कौशल विकास, उद्यमिता और शैक्षणिक सहयोग की दिशा में काम करने के लिए संस्थान के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी जारी किया है।
 
एमओयू पर रजिस्ट्रार, निफ्टेम, डॉ जे एस राणा और जीएम, बिज़नेस डेवलपमेंट, जिंदल स्टेनलेस, श्री राजीव गुप्ता ने हस्ताक्षर किए।
 
जिंदल स्टेनलेस ने 'जिंदल स्टेनलेस गैलरी' की स्थापना खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में स्टेनलेस स्टील के विभिन्न अनुप्रयोगों को प्रदर्शित करने के लिए की है। इनमें मुख्या रूप से ओवरहेड वॉटर टैंक, सिंक, ब्रेड मोल्ड और ट्रॉली, ड्रायर, नारियल काटने की मशीन, चेकर शीट, आदि शामिल हैं।
 
इस साझेदारी के अंतर्गत, जिंदल स्टेनलेस और निफ्टेम खाद्य विज्ञान, इंजीनियरिंग, प्रबंधन और सामाजिक विज्ञान के विभिन्न विषयों में अनुसंधान और प्रशिक्षण समेत विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करेंगे। 
 
इस साझेदारी चलते निफ्टेम के पाठ्यक्रम में स्टेनलेस स्टील पर एक कोर्स भी शुरू किया जाएगा। इस कोर्स का उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में स्टेनलेस स्टील के उपयोग पर तकनीकी अध्ययन को बढ़ावा देना, खाद्य परीक्षण वैन विकसित करना, पारस्परिक लाभ के लिए संयुक्त तकनीकी सत्र आयोजित करना, आदि होगा।
 
 इसके अलावा कंपनी फैब्रिकेटर और वेल्डरों को स्टेनलेस स्टील के संचालन का प्रशिक्षण भी देगी। निफ्टेम की अकादमिक और तकनीकी उत्कृष्टता को देखते हुए, यह साझेदारी खाद्य उद्योग में स्टेनलेस स्टील उपयोग के लिए बीआईएस मानक स्थापित करने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
 
स्वच्छता, मज़बूती, ज़ंग प्रतिरोध, सुरक्षा और पुनर्चक्रण जैसे अंतर्निहित लाभों के कारण स्टेनलेस स्टील खाद्य प्रसंस्करण के लिए एक प्रमुख सामग्री है। चावल मिल प्रसंस्करण, डेरी, ब्रेड और मांस प्रसंस्करण, आदि जैसे प्रमुख अनुप्रयोग बड़े पैमाने पर स्टेनलेस स्टील के उपकरण का उपयोग करते हैं। 
 
खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस स्वच्छ धातु के उपयोग को बढ़ावा देना अनिवार्य है। इसके अलावा, खाद्य प्रसंस्करण उपकरण विकसित करने के लिए धातु के उपयोग के लिए कोई संदर्भ मानक उपलब्ध नहीं हैं। 
 
राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के साथ यह सहयोग निश्चित रूप से पेशेवरों को शिक्षित करने, क्षेत्र-विशिष्ट नीतियां तैयार करने, और सरकार के साथ बेहतर समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 
 
जिंदल स्टेनलेस के बारे में: 
 
श्री ओ पी जिंदल द्वारा 1970 में स्थापित, जिंदल स्टेनलेस भारत की सबसे बड़ी स्टेनलेस स्टील निर्माता कंपनी है जो कि दुनिया-भर के सर्वोच्च 10 स्टेनलेस स्टील निर्माता समूहों में शामिल है। 
 
जिंदल स्टेनलेस की सालाना मेल्ट क्षमता 1.9 MT और सालाना टर्नओवर (यू एस) $2.79 अरब है (मार्च'20 तक)। हरियाणा और ओडिशा राज्यों में कंपनी के दो स्टेनलेस स्टील विर्निर्माण प्लांट हैं। 
 
इसके अलावा दक्षिण-पूर्वी एशिया और आस-पास के बाज़ारों के लिए कंपनी की एक उत्पादन यूनिट इंडोनेशिया में भी है। कंपनी के भारत में 10 कार्यालय और 12 अन्य वैश्विक कार्यालय हैं। 
 
कंपनी का स्पेशियलिटी प्रोडक्ट डिवीज़न (एसपीडी) प्रतिष्ठित भारतीय और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों की उच्च परिशुद्धता और विशेष स्टेनलेस स्टील आवश्यकताओं को पूरा करता है।
 
निफ्टेम के बारे में:
 
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (निफ्टेम) की स्थापना भारत सरकार द्वारा खाद्य उद्योग की विभिन्न समस्याओं के लिए "वन स्टॉप सॉल्यूशन प्रोवाइडर" के रूप में एक शीर्ष निकाय के रूप में की गई थी। 
 
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार ने 500 करोड़ रुपये (यूएस $100 मिलियन) के प्रारंभिक निवेश के साथ इस संस्थान की स्थापना की थी। संस्थान का उद्देश्य खाद्य प्रौद्योगिकी और प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्टता और वैश्विक मानकों के एक शीर्ष विश्व-स्तरीय केंद्र के रूप में कार्य करना है। 
 
यह उद्यमियों, उद्योगों, निर्यातकों, नीति निर्माताओं, सरकार और मौजूदा संस्थानों जैसे विभिन्न हितधारकों की आवश्यकता को पूरा करता है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के तहत एक शीर्ष संस्थान होने के नाते, निफ्टेम ने उद्योगों के साथ मज़बूत संबंध विकसित किए हैं।