NEW DELHI- इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए नए रास्ते और बेहतर बुनियादी ढांचे का उद्घाटन गुवाहाटी के नरेंगी के ओआईएल टाउनशिप में अकम उत्सव के दौरान  स्मार्ट सिटी मिनी अभियान के एक भाग के रूप में किया गया।
 
श्री अभिजीत बोरगोहेन, सीजीएम (पीएलएस) ने ओआईएल के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में मिनी स्मार्ट सिटी की सुविधाओं का उद्घाटन किया।
 
ऑयल इंडिया लिमिटेड (ऑयल) की कहानी भारतीय पेट्रोलियम उद्योग की उन्नति और विकास का प्रतीक है। वर्ष 1889 में सुदूर पूर्वोत्तर में दिग्बोई, असम में कच्चे तेल की खोज से लेकर अनेक महत्वपूर्ण पड़ाव पार करते हुए ऑयल इंडिया लिमिटेड अपने वर्तमान स्वरूप में पहुंचा है।
 
पूर्वोत्तर भारत में नाहरकटिया और मोरान के नए खोजे गए तेल क्षेत्रों का विस्तार और विकास करने के लिए 18 फरवरी , 1959 को ऑयल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की गई। वर्ष 1961 में यह भारत सरकार और बर्मा ऑयल कंपनी लिमिटेड , यू.के. का संयुक्त उद्यम बना।
 
वर्ष 1981 में यह भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाला उद्यम हो गया। वर्तमान में ऑयल कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस के अन्वेषण , विकास और उत्पादन , कच्चा तेल के परिवहन एवं एलपीजी के उत्पादन के व्यवसाय में लगी भारत की प्रमुख राष्ट्रीय तेल कंपनी है। नुमालीगढ रिफाइनरी लिमिटेड में ऑयल की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत है तथा इसके द्वारा अन्वेषण एवं उत्पादन से संबंधित विभिन्न सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं।
 
कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी 2000 करोड़ रुपए है। कंपनी की जारी, अभिदत्‍त और प्रदत्‍त शेयर पूंजी 1084.41 करोड़ रुपए है। वर्तमान में, भारत सरकार, जो कंपनी का प्रमोटर है, के पास कंपनी की कुल जारी और प्रदत्‍त पूंजी की 56.66% हिस्‍सेदारी है। 
 
इक्विटी पूंजी का शेष 43.34% हिस्सा पब्लिक और अन्य द्वारा धारित है जिसमें कॉर्पोरेट निकाय, म्यूचुअल फंड, बैंक, एफपीआई, निवासी व्यक्ति आदि शामिल हैं।