नई दिल्ली: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक, सामाजिक कार्य विभाग की असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉ. कृष्णमणि भगवती, रिसर्च स्कॉलर श्री विकास चंदेल के साथ 27 छात्रों की एक टीम ने कोयला खदानों और सीएसआर परियोजनाओं के अवलोकन के लिए एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र का दौरा किया।
 
क्षेत्रीय महाप्रबंधक श्री एच. एस. मदान ने एसईसीएल परिसर में प्रोफ़ेसर और छात्रों का खुशी से स्वागत किया और उनके साथ कोयला खनन उद्योग पर बातचीत की और जमुना कोतमा क्षेत्र द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों और सामुदायिक विकास कार्यों का संक्षिप्त विवरण भी दिया।

आईजीएनटीयू के संकाय और छात्रों ने कोतमा में डिजिटल क्लासरूम, पकरिया गांव में क्लासरूम जैसी सीएसआर साइटों का दौरा किया और निम्हा गांव में आयोजित कौशल विकास कार्यक्रम के लाभार्थियों के साथ वार्तालाप की। उन्होंने अमदंड ओसीपी का भी दौरा किया जहां श्री अंसारी सर, प्रबंधक एओसीपी ने छात्रों के साथ वार्ता की एंव कोयला खनन की जानकारी देकर उन्हें कोयला उत्पादन स्थल की दृष्टि से दिखाया।

फैकल्टी और छात्रों ने कोयला खदानों एंव सीएसआर कार्य स्थलों का दौरा करने का यह शानदार अवसर प्रदान करने के लिए एसईसीएल के प्रति आभार व्यक्त किया है।
 
 
आईजीएनटीयू का विवरण:
 
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक भारत के संसद के एक अधिनियम द्वारा स्थापित किया गया है।  यह विश्वविद्यालय 2007 में अस्तित्व में आया और जुलाई 2008 को कार्रवाई में आया।  विश्वविद्यालय के क्षेत्राधिकार पूरे देश में है एंव यह पूरी तरह से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से केन्द्र सरकार द्वारा वित्त पोषित है।