भाषा का मुख्य कार्य संचार तो है ही, मगर उससे भी अधिक महत्वपूर्ण कार्य भाषा करती है, वह है संस्कृति की रक्षा। हिंदी भारतीय संस्कृति की संवाहक है। भारत के माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री भारतीय भाषाओं के अग्र नायक हैं। आप हर मंच से हिंदी धाराप्रवाह हिंदी बोलते हैं। हिंदी के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भरता की राह में भारत को आगे बढ़ा रहे हैं। हिंदी भाषा भारत को आत्मनिर्भर बनाने में अहम योगदान दे सकती है। मजबूती प्रदान कर सकती है। ये उद्गार रहे मिधानि के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. संजय कुमार झा के।

डॉ. झा की अध्यक्षता में आज भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के उद्यम मिश्र धातु निगम लिमिटेड, हैदराबाद में हिंदी दिवस समारोह 2024 का समापन कार्यक्रम संपन्न हुआ। उन्होंने आगे कहा कि हिंदी के प्रचार प्रसार में संचार माध्यमों का बहुत बड़ा योगदान है। आज हर सोशल मीडिया पर हिंदी में संभाषण हो रहा है। यह प्रवृत्ति बड़ी से बढ़ रही है।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. बेला ककड़, उप निदेशक व प्रभारी अधिकारी, हिंदी शिक्षण योजना, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा कि राजभाषा की हीरक जंयती के अवसर पर माननीय गृह मंत्री ने भारतीय भाषा अनुभाग की स्थापना से भारत की भाषा का मान बढ़ाया है। हिंदी भारतीय भाषाओं का गुलदस्ता है। उदाहरणों के साथ स्पष्ट किया कि ये भाषाओं हिंदी की सहोदरी हैं। सहेलियाँ है। बहने हैं। ये भाषाएँ हिंदी की ताकत है। हिंदी को पैन इंडिया भाषा बनाती हैं। राजभाषा विभाग के प्रयासों से हिंदी प्रशिक्षण के लिए एआई का भी उपयोग किया जाता है। अब यह स्थिति बन रही है कि प्रबंध हिंदी में काम करने का आग्रह नहीं बल्कि आदेश दे सकते हैं क्योंकि भारत संघ कार्यालयों के सभी कर्मचारी हिंदी में प्रशिक्षित व कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त हैं।

अवसर पर गृहमंत्री व रक्षा मंत्री के संदेश क्रमश निशांक कुमार जैन, उ.म.प्र. (टाइटेनियम) और मनन संठवानी, उप प्रबंधक (सीएस) ने वाचन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत बीपीडीएवी स्कूल के छात्रों द्वारा हिंदी भाषा पर गीत गायन, मिधानि कर्मचारियों द्वारा कविता पाठ और हिंदी फिल्म गीत गायन किया गया। हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित हिंदी भाषा पर गीत गायन, शब्दावली, कविता वाचन, निबंध, टंकण, गीत गायन और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के विजेता छात्रों व कर्मचारियों को नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। प्रतियोगिताओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मिधानि के विभाग डब्ल्यूपीएम को मिधानि राजभाषा गरिमा पुरस्कार के अंतर्गत रोलिंग ट्रॉफी दी गई। कार्यक्रम का संचालन उद्यम के प्रबंधक (हिंदी अनुभाग एवं निगम संचार) डॉ. बी. बालाजी ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में हिंदी अनुभाग की कनिष्ठ कार्यपालक रत्नाकुमारी का सक्रिय योगदान रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से और समापन राष्ट्र गान से हुआ।