विशेषज्ञ समिति पहुँची एसईसीएल मुख्यालय
<div> <big>इस अवसर पर निदेशक तकनीकी सह कार्मिक श्री मनोज कुमार प्रसाद भी उपस्थित रहे । एक्सपर्ट कमेटी के साथ हुई चर्चा में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष भी उपस्थित रहे। </big></div> <div> </div>

Bilaspur- कोयला मंत्रालय, भारत सरकार की एक्सपर्ट कमेटी के सदस्य श्री टी. के. नाग भूतपूर्व सीएमडी एनसीएल , श्री बी. आर. रेड्डी भूतपूर्व सीएमडी एसईसीएल तथा श्री बी एन शुक्ला भूतपूर्व सीएमडी एमसीएल के मुख्यालय आगमन पर सीएमडी एसईसीएल द्वारा स्वागत किया गया।
इस अवसर पर निदेशक तकनीकी सह कार्मिक श्री मनोज कुमार प्रसाद भी उपस्थित रहे । एक्सपर्ट कमेटी के साथ हुई चर्चा में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष भी उपस्थित रहे।
उक्त में उत्पादन व डिस्पैच बढ़ाने सहित जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। कोल इण्डिया के 1 बिलियन टन का उत्पादन लक्ष्य हासिल करने तथा उसमें एसईसीएल के महत्वपूर्ण अंशदान में टीम के विश्लेषण के उपयोगी होने की आशा है।
SECL भारत की सबसे ज्यादा कोयला उत्पादन करने वाली कंपनी है। SECL की कोयला खदानें दो राज्यों छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में फैली हुई हैं।
SECL 67 कोयला खदानों का संचालन करती है, जिनमें से 41 कोयला खदानें छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित हैं, जबकि शेष 26 कोयला खदानें मध्य प्रदेश राज्य में स्थित हैं। और इन 67 कोयला खदानों में से 46 खदानें भूमिगत खनन पद्धति से संचालित होती हैं जबकि शेष 21 खदानें खुली खदानें हैं।
इसके साथ ही, एसईसीएल दानकुनी कोयला परिसर के कोयला कार्बनीकरण संयंत्र के परिचालन पहलू के लिए प्रतिबद्ध है, हालांकि, दानकुनी, पश्चिम बंगाल में दानकुनी कोयला परिसर को सीआईएल द्वारा पट्टे के आधार पर दिया गया है।
प्रभावी प्रशासनिक नियंत्रण और संचालन के लिए, एसईसीएल में कोयला खदानों को तीन समूहों जैसे सेंट्रल इंडिया कोलफील्ड्स (सीआईसी), कोरबा कोलफील्ड्स और मंड रायगढ़ कोलफील्ड्स में विभाजित किया गया है।
