NEW DELHI-ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने आजादी का अमृत उत्सव के तहत रानीगंज के सतग्राम क्षेत्र में 38 सोलर एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई हैं।
 
 ईसीएल के सतग्राम क्षेत्र और उसके आसपास के विभिन्न गांवों में सीएसआर पहल के रूप में सोलर एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं।
 
राज्य के स्वामित्व वाला कोयला खनन निगम कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) नवंबर 1975 में अस्तित्व में आया। 
 
इसकी स्थापना के वर्ष में 79 मिलियन टन (एमटी) के साधारण उत्पादन करने वाली सीआईएल, आज विश्व की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक तथा 2,59,016 (1 अप्रैल 2021 तक) की श्रमशक्ति के साथ सबसे बड़े कॉर्पोरेट नियोक्ता में से एक है।
 
भारत के आठ (8) राज्यों में विस्तृत सीआईएल 85 खनन क्षेत्रों में अपनी अनुषंगी कंपनियों के माध्यम से कार्य करता है।
 
कोल इंडिया लिमिटेड की 345 खदानें हैं (1 अप्रैल, 2021 तक) जिनमें से 151 भूमिगत, 172 ओपन कास्ट और 22 मिश्रित खदानें हैं। वर्तमान में सीआईएल 35.38 एमटीवाई की कुल धुलाई क्षमता के साथ 13 कोयला वाशरी का संचालन कर रहा है (इनमें से 11 कोकिंग कोल वाशरी तथा शेष 2 नॉन-कोकिंग कोल वाशरी हैं) तथा अन्य प्रतिष्ठानों जैसे कार्यशालाओं, अस्पतालों आदि का भी प्रबंधन करता है। 
 
सीआईएल में 20 प्रशिक्षण संस्थान और 86 व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र हैं। भारतीय कोयला प्रबंधन संस्थान (आईआईसीएम) अत्याधुनिक प्रबंधन प्रशिक्षण 'उत्कृष्टता केंद्र' - भारत का सबसे बड़ा कॉर्पोरेट प्रशिक्षण संस्थान - सीआईएल के अधीन कार्यरत है जो बहु-अनुशासनात्मक कार्यक्रम आयोजित करता है।