कोल इंडिया के कौशल विकास कार्यक्रम से ओडिशा के स्थानीय युवाओं को मिल रहा रोजगार
<p> <big><span [removed] 14.4px;">कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए जरूरतमंद एवं योग्य युवाओं की पहचान एवं उन्हें प्रशिक्षण के लिए तैयार किए जाने के कार्य में अहम भूमिका निभाई है।</span></big></p>

New Delhi- ओडिशा के सुंदरगढ़, झारसुगड़ा एवं अंगुल जिलों में स्थानीय युवाओं के लिए चल रहा कोल इंडिया का कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं के रोजगार का माध्यम बन रहा है। इस कौशल विकास कार्यक्रम के तहत अब तक 115 युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें 82 युवाओं को आमारा राजा ग्रुप, मदरसन इंडिया लिमिटेड जैसी कंपनियों में नौकरी मिल चुकी है।
बाकी युवाओं ने स्वरोजगार या स्थानीय स्तर पर रोजगार करने का फैसला लिया है। कोल इंडिया ने इस वर्ष मई में इन 3 जिलों में इस कौशल विकास कार्यक्रम की शुरुआत की थी।
इस कौशल विकास कार्यक्रम के तहत कोल इंडिया इन तीन जिलों के कुल 450 स्थानीय युवाओं को इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर एवं ऑटो टेक्निशियन ग्रेड में प्रशिक्षण दिलाएगी। कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए जरूरतमंद एवं योग्य युवाओं की पहचान एवं उन्हें प्रशिक्षण के लिए तैयार किए जाने के कार्य में अहम भूमिका निभाई है।
अपनी स्थापना के समय से ही एमसीएल, ओडिशा के समावेशी विकास में अहम योगदान दे रही है और इसके लिए लगातार सीएसआर की योजनाएं चला रही है। होल्डिंग कंपनी कोल इंडिया ने भी समय-समय़ पर सीधे तौर पर ओडिशा की मदद की है। वर्ष 2019 में “फैनी” चक्रवात से तबाह हुई ओडिशा की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त किए जाने हेतु कोल इंडिया लिमिटेड ने ओडिशा पावर ट्रांशमिशन कॉरपोरेशन को 50 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी थी।
इसी तरह, वर्ष 2018 से 2020 की अवधि में कोल इंडिया ने सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के भुवनेश्वर एवं बालासोर केंद्रों पर 1.81 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देकर 280 स्थानीय युवाओं का प्लास्टिक इंजीनियरिंग ट्रेड में कौशल विकास प्रशिक्षण कराया था।
