कोयला मंत्रालय भारत सरकार की संयुक्त सचिव ने एसईसीएल की मेगा परियोजना कुसमुंडा व गेवरा का किया निरीक्षण
<p> <big><span [removed] 14.4px;"> उन्होने डिस्पैच की व्यवस्थाओं का निरीक्षण जिसमें एनआई प्वाइंट, फ़र्स्ट माइल कनेक्टिविटी के तहत एरिया में विकसित साइलो का अवलोकन किया।</span></big></p>

NEW DELHI- श्रीमती विस्मिता तेज , संयुक्त सचिव (सीपीडी) कोयला मंत्रालय भारत सरकार एसईसीएल की मेगा परियोजनाओं के निरीक्षण पर पहुँची कुसमुंडा व गेवरा प्रोजेक्ट का जायज़ा लिया।
श्रीमती विस्मिता तेज , संयुक्त सचिव (सीपीडी) ने अपने दौरे पर व्यू प्वाइंट से खनन गतिविधियों का जायज़ा किया। उन्होने डिस्पैच की व्यवस्थाओं का निरीक्षण जिसमें एनआई प्वाइंट, फ़र्स्ट माइल कनेक्टिविटी के तहत एरिया में विकसित साइलो का अवलोकन किया।
इसके साथ ही संयुक्त सचिव ने खदान से त्वरित डिस्पैच व सरल संचालन के लिए बने नई पीसीसी रोड का अवलोकन किया और हाल हीं में एरिया में शुरू की गई विभागीय क्रशर के संचालन को संयुक्त सचिव महोदया ने देखा तथा गुणवता पूर्ण कोयले के आपूर्ति के प्रयासों की सराहना की।
तद्उपरांत उनके द्वारा गेवरा खदान का निरीक्षण किया गया ,जहाँ पर साइलो, सीएचपी का अवलोकन किया गया। संयुक्त सचिव महोदया ने खदान के माइन डेवलपमेंट कार्यों की समीक्षा की तथा उक्त कार्यों में तेज़ी लाने एवं समयानुरूप पूर्ण करने हेतु दिशा-निर्देशित किया।
इस विज़िट पर एसईसीएल निदेशक तकनीकी श्री एम के प्रसाद , निदेशक तकनीकी योजना परियोजना श्री एस के पाल, एरिया कोर टीम के साथ मौक़े पर मौजूद रहे।
उन्होने क़ोरोना काल की चुनौतियों के बीच गत वर्ष एसईसीएल ने लगभग 155 मिलियन टन प्रेषण के साथ अब तक का दूसरा सर्वाधिक डिस्पैच दर्ज किया। कम्पनी प्रबंधन पर विश्वास जताते हुए एसईसीएल को इस वर्ष 182 मिलियन टन के उत्पादन और डिस्पैच का लक्ष्य मिला है जो कि किसी भी सब्सिडीयरी से अधिक है।
