NEW DELHI- सीएमडी एसईसीएल डॉ प्रेम सागर मिश्रा सोहागपुर एरिया के फ़ील्ड विज़िट पर गुरुवार देर शाम पहुँचे जहाँ पहुँचते हीं उन्होंने एरिया कोर टीम की बैठक बुलाई और खदानों के कार्य निष्पादन की समीक्षा की। देर रात तक चली इस बैठक में डॉ मिश्रा ने प्रतिबद्धता के साथ दिए लक्ष्य को हासिल किए जाने का निर्देश दिया। रायगढ़, गेवरा, दीपका के बाद पिछले चार दिनों में,  सीएमडी एसईसीएल, चौथे एरिया में पहुँचे थे। 
 
दिन की शुरुआत विभिन्न खदानों के निरीक्षण से हुई। राजेंद्रा, दामिनी, शारदा, ख़ैरहा, बंगवार, अमलाई, धनपुरी, और रामपुर बटुरा - एक के बाद खदानों के कार्यसंचालन की समीक्षा की गई तथा उत्पादन, उत्पदकता, डिस्पैच से जुड़े बिंदुओं पर आवश्यक निर्देश जारी किए गए। सीएमडी डॉ मिश्रा ने  हाईवाल तकनीक के ज़रिए खदानों के बीच के पैच में फँसे कोयले के अधिकाधिक निष्कासन पर बल दिया।   
 
ख़ैरहा, बंगवार, अमलाई के कार्यप्रदर्शन पर संतोष जताते हुए उन्होंने कहा कि एरिया के सभी खदानों को आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ चलना होगा जिससे कि यदि किसी कारण से कोई खदान कभी पिछड़ता है तो उस समय दूसरा उसका भार साझा कर सके और एरिया और कम्पनी का प्रदर्शन प्रगतिशील बना रहे। सीएमडी डॉ प्रेम सागर मिश्रा ने रामपुर-बटुरा खदान से जल्द-से-जल्द कोयला उत्पादन शुरू करने का भी आह्वान किया।  सीएमडी एसईसीएल ने विभिन्न खदानों में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन करने वाले कामगार बंधुओं को सम्मानित भी किया । 
 
देर संध्या एरिया जेसीसी के सदस्यों के साथ बैठक आयोजित थी जिसके उपरांत उन्होंने प्रेस-मीडिया के साथियों, जन प्रतिनिधियों आदि से मुलाक़ात की। 
 
पूरे दौरे में एरिया महाप्रबंधक श्री एस नागाचारी उनके साथ रहे । 
 
विदित हो कि वित्तीय वर्ष  2022-23 में सोहागपुर क्षेत्र 5.7 मिलियन टन कोयला उत्पादन के लक्ष्य की ओर अग्रसर है जो कि एसईसीएल के सीआईसी फ़ील्ड में सर्वाधिक है। अगर भूमिगत खदानों की बात करें तो कम्पनी के कुल 13 मिलियन टन लक्ष्य में से सर्वाधिक 2.8 एमटी का अंशदान सोहागपुर क्षेत्र द्वारा किया जाना है ।  
 
मानसून की चुनौतियों के बीच मेहनत करते कामगार साथी,  सीएमडी एसईसीएल को अपने बीच पाकर उत्साहित रहे।