NEW DELHI-पिछले तीन वर्षों से प्रगति के पथ पर अग्रसर ब्रेथवेट एंड कंपनी लिमिटेड को अब रेल मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा मिल गया है। 
 
बृहस्पतिवार को कोलकाता में इस से संबंधित प्रेस मीट आयोजित हुआ जिसे ब्रेथवेट के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री यतीश कुमार एवं निदेशक (वित्त) श्री कल्याण कुमार कोआरी ने संबोधित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मीडिया के साथियों के साथ-साथ ब्रेथवेट के अधिकारियों-कर्मचारियों की भी मौजूदगी रही।
 
ब्रेथवेट की स्थापना 1913 में स्ट्रक्चरल स्टील वर्क्स के निर्माण के लिए, ब्रेथवेट एण्ड कम्पनी इंजीनियर्स लिमिटेड (यू.के.) के भारतीय सहायक के रूप में हुई थी। भारतीय रेलवे के लिए वैगनों के निर्माण कार्य की शुरुआत कलकत्ता में क्लाइव वर्क्स ने 1934 से की।
 
इस बीच 28 फरवरी, 1930 को कम्पनी को ब्रेथवेट एण्ड कम्पनी (इंडिया) लिमिटेड के रूप में तत्कालीन बंगाल में शामिल कर लिया गया। वर्ष 1960 में ब्रेथवेट के, हुगली जिले के भद्रेश्वर में स्थित एंगस वर्क्स का सेटअप क्रेन, फाउंड्री उत्पादों, मशीनरी घटकों आदि के निर्माण के लिए किया गया।
 
ब्रेथवेट एण्ड कम्पनी लिमिटेड को 1 दिसंबर 1976 को भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली उपक्रम के रूप में पंजीकृत और निगमित किया गया।
 
आज कंपनी की तीन इकाइयाँ पश्चिम बंगाल के कोलकता में, क्लाइव वर्क्स और विक्टोरिया वर्क्स एवं हुगली में, एंगस वर्क्स नाम से स्थित हैं। 6 अगस्त, 2010 से कम्पनी का प्रशासनिक नियंत्रण, रेल मंत्रालय द्वारा ले लिया गया।