NEW DELHI- एसईसीएल में पेस्ट फ़िल टेक्नॉलोजी के उपयोग के ज़रिए अंडरग्राउंड खदानों से स्टोविंग विषय पर ब्रेन स्टोर्मिंग सेशन का आयोजन किया गया।
 
एक अनुमान के अनुसार, एसईसीएल में 365 मिलियन टन कोयला रिज़र्व ब्यूलट अप (Built Up) एरिया अधीन होने तथा भू-अधिग्रहण सम्बन्धी मसलों के कारण तत्काल खनन के लिए उपलब्ध नहीं हो पा रहा है - ऐसे में किसी कारगर तकनीक की खोज़ हो रही है जिससे इस प्रकार के भूमिगत रिज़र्व से अधिक से अधिक कोयला उत्खनित किया जा सके। पेस्ट फ़िल टेक्नॉलजी ऐसे प्रकरणों में वरदान साबित हुई है।
 
एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में सीएमडी डॉ प्रेम सागर मिश्रा की अध्यक्षता तथा निदेशक तकनीकी योजना परियोजना श्री एस के पाल के विशिष्ट आतिथ्य में  इसी तकनीक पर एक ब्रेन स्टोर्मिंग सत्र का आयोजन किया गया। 
 
वक्ता के रूप में सिम्फ़र(CIMFR) धनबाद से साइंटिस्ट डॉ एस के मण्डल ,डॉ संतोष बेहरा तथा सिम्फ़र बिलासपुर से डॉ हर्षवर्धन वर्मा उपस्थित रहे। ब्रेनस्टोर्मिंग सत्र में खनन सँवर्ग के अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 
 
एसईसीएल में लगभग 46 भूमिगत खदानें हैं जिनसे  १२ मिलियन से अधिक कोयला उत्पादित होता है। 
 
इस मौक़े पर सीएमडी एसईसीएल डॉ प्रेम सागर मिश्रा में कहा कि हमारी भूमिगत खदानों में उत्पादन की बड़ी क्षमता है तथा आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से उत्पादन में और बेहतर नतीजे आएँगे।