नई दिल्ली: बीएचईएल ने 'ऊर्जा संक्रमण में स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टरों (एसएमआर) की भूमिका' पर नीति आयोग, डीएई और एनटीपीसी द्वारा जी20 प्रेसीडेंसी ऑफ इंडिया के अंतर्गत आयोजित जी20 अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लिया। डॉ. नलिन शिंघल( सीएमडी),बीएचईएल के साथ श्री जय प्रकाश श्रीवास्तव,निर्देशक(ई,आर एंड डी), निर्देशक(वित्त) एंव अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सेमिनार में भाग लिया और भारत के परमाणु कार्यक्रम में बीएचईएल के योगदान पर प्रकाश डाला।

इस अवसर में सीएमडी, बीएचईएल ने हरित ऊर्जा के तेज संक्रमण के विज़न को पूरा करने हेतु भारत में एसएमआर की प्रारंभिक तैनाती की प्रासंगिक पर जोर दिया। उन्होंने एसएमआर प्रौद्योगिकी के चुनाव एंव उनसे जुड़ी चुनौतियों को परिभाषित कर सके ऐसे महत्वपूर्ण मापदंडों को देश में अपनाने के विषय में भी बात की। 

डॉ. शिंघल ने भारतीय परमाणु कार्यक्रम के तीनों चरणों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ी एकमात्र भारतीय कंपनी के रूप में बीएचईएल की भूमिका पर प्रकाश डाला एंव परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए उपकरण डिज़ाइन, इंजीनियर, निर्माण और आपूर्ति करने की कंपनी की क्षमता से भी अवगत कराया। अपने संबोधन में सीएमडी(बीएचईएल) ने भारत में एसएमआर विनिर्माण के लिए बीएचईएल के साथ साझेदारी करने के लिए वैश्विक ओईएम को भी आमंत्रित किया।
 
डीएई, बीएआरसी, एनटीपीसी, एनपीसीआईएल, एल एंड टी, टीसीई, और रोसाटम, वेस्टिंगहाउस, ईडीएफ और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी जैसी विदेशी संस्थाओं के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने संगोष्ठी में भाग लिया।