बीईएमएल ने स्वदेशी निर्मित रेल ग्राइंडिंग मशीन का पहला रेक मैसर्स लोराम को सौंपा
बीईएमएल ने स्वदेशी निर्मित रेल ग्राइंडिंग मशीन (आरजीएम96) का पहला रेक "मैसर्स लोराम मेंटेनेंस बाय वे, यूएसए" को सौंपा

नई दिल्ली: बीईएमएल ने स्वदेशी निर्मित रेल ग्राइंडिंग मशीन (आरजीएम96) का पहला रेक "मैसर्स लोराम मेंटेनेंस बाय वे, यूएसए" को सौंपा। इस मौके पर श्री अमित बनर्जी, अध्यक्ष एवं प्रबंध निर्देशक बीईएमएल और श्री जॉन बेहरेंस, सहायक उपाध्यक्ष, लोराम, यूएसए मुख्य रूप से उपस्थित रहें।
यह पहली बार है जब RGM96 का निर्माण यूएसए के बाहर किया जा रहा है। इस मशीन को शीघ्र ही भारतीय रेलवे द्वारा सेवा में शामिल किए जाने की संभावना भी है। यह मशीन ढुलाई के दौरान '100 किमी प्रति घंटे' और ग्राइंडिंग के दौरान '22 किमी प्रति घंटे' की रफ्तार से कार्य करेगी।
यह स्व-चालित RGM96 रेल हेड के घिसे-पिटे प्रोफाइल को सुधारने के लिए एवं सुधारात्मक और निवारक मोड में रेल को पीसने के लिए है। इसका उपयोग माइक्रो-दरारें और अन्य सतह दोषों वाली थकान सामग्री को हटाने के लिए भी किया जाएगा।
8 कार रेक में "1 फ्रंट कंट्रोल कार, 4 ग्राइंड कार, 1 वाटर वैगन और 2 कैंप कोच" होते हैं। रेलवे बोर्ड ने 96 स्टोन आरजीएम (आरजीएम96) मशीनों के 10 रेक की आपूर्ति के लिए मैसर्स लोराम के साथ अनुबंध किया हैं।
भारत सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत ही मैसर्स लोराम ने स्थानीय विनिर्माण के लिए बीईएमएल के साथ भागीदारी की।
