नई दिल्ली : नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने देश के दूर-दराज और क्षेत्रीय इलाकों में कनेक्टिविटी को और बढ़ाने तथा अंतिम स्थल तक हवाई-संपर्क का लक्ष्य हासिल करने के लिए "क्षेत्रीय हवाई-संपर्क योजना (आरसीएस) - उड़े देश का आम नागरिक (उड़ान)" के 5वें चरण की शुरुआत की है। 
 
उड़ान 5.0 के लॉन्च के अवसर पर नागरिक उड्डयन और इस्पात मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “उड़ान कई क्षेत्रों के लिए जीवनदायिनी साबित हुई है। उन्होंने आगे कहा की योजना का यह नया और मजबूत संस्करण कार्य की गति को बढ़ाएगा साथ ही नए मार्गों को जोड़ेगा और हमारे 1000 मार्गों तथा 50 अतिरिक्त हवाई अड्डों, हेलीपोर्ट और जल हवाई अड्डों के संचालन के लक्ष्य को यह और करीब लाएगा।
उड़ान 5.0 की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
 
• उड़ान का यह चरण, श्रेणी-2 (20-80 सीटों) और श्रेणी-3 (>80 सीटों) पर केंद्रित है।
 
• पहले चरण की 600 किमी की सीमा को समाप्त कर दिया गया है और उड़ान के मूल और गंतव्य के बीच की दूरी के लिए अब कोई प्रतिबंध नहीं है।
 
• प्रदान की जाने वाली व्यावहारिक अंतर वित्तीय सहायता (वायबिलिटी गैप फंडिंग -वीजीएफ) को प्राथमिकता और गैर-प्राथमिकता वाले दोनों क्षेत्रों के लिए  
  ऊपरी सीमा 600 किमी की दूरी पर निर्धारित की जायेगी, जबकि पहले ऊपरी सीमा सिर्फ 500 कि.मी थी।
 
• कोई पूर्व निर्धारित रूट पेश नहीं किया जाएगा। केवल एयरलाइंस द्वारा प्रस्तावित नेटवर्क और व्यक्तिगत रूट के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
 
• एयरलाइनों को एलओए जारी होने के 2 महीने बाद एक कार्य/व्यवसाय योजना प्रस्तुत करनी होगी जिसमें वे तकनीकी प्रस्ताव के समय अपनी विमान 
  अधिग्रहण योजना/विमान की उपलब्धता, चालक दल, स्लॉट आदि प्रस्तुत करेंगे।
 
• हर महीने काम में देरी होने पर, प्रदर्शन गारंटी के 25% को एनकैश करना होगा ताकि लोगों को जल्दी से काम करने के लिए अधिक प्रोत्साहित किया जा सके।
 
• त्वरित संचालन को और प्रोत्साहित करने हेतु 4 महीने तक की देरी होने पर, प्रत्येक महीने के लिए प्रदर्शन गारंटी का 25% गुना लिया जाएगा।
 
• एयरलाइंस को रूट दिए जाने के 4 महीने के भीतर परिचालन शुरू करना होगा। पहले यह समय सीमा 6 महीने की थी।
 
• हवाई अड्डों की एक सूची - जो संचालन के लिए तैयार हैं, या जल्द ही संचालन के लिए तैयार होंगे  उनको इस योजना में शामिल किया गया है, ताकि 
   योजना के तहत मार्गों के त्वरित संचालन को सुविधाजनक बनाया जा सके।
 
• एक ऑपरेटर द्वारा रूट को दूसरे ऑपरेटर को दिए जाने से जुड़ी नवीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और इसे प्रोत्साहित किया गया है।

उड़ान योजना ने हितधारकों के एक विविध समूह को लाभान्वित किया है। इस पहल से यात्रियों को हवाई संपर्क का लाभ मिला है और एयरलाइनों को क्षेत्रीय मार्गों के संचालन के लिए रियायतें मिली है। प्रधानमंत्री के विजन "किफायती और रियायती हवाई किराए पर आम आदमी हवाई यात्रा कर सके" की दिशा में यह एक और कदम है।