NEW DELHI-रेलटेल, रेल मंत्रालय के अधीन एक मिनीरत्न सार्वजनिक उपक्रम, ने परामर्श, सहयोगी अनुसंधान एवं विकास और प्रशिक्षण (consultancy collaborative R&D and training) के क्षेत्रों में पारस्परिक लाभ हेतु गतिविधियों को कार्यान्वित करने के लिए राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (National Forensic Sciences University (NFSU)), गांधीनगर, गुजरात के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
 
इस समझौते से 'माननीय प्रधान मंत्री के विजन 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' का समर्थन मिलेगा।
 
यह समझौता ज्ञापन दोनों पक्षों के लिए आपसी हित एवं विशेषज्ञता के विषयों पर सहयोगी अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं को शुरू करने तथा पारस्परिक लाभ के लिए अपने संबंधित डोमेन में एक दूसरे को परामर्श(कन्सलटेंसी) प्रदान करने के लिए दीर्घकालिक सहयोग में संलग्न होने के लिए रूपरेखा तैयार करता है।
 
समझौता ज्ञापन के भाग के रूप में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय को रेलटेल/भारतीय रेल के कर्मिकों के लिए रेल सुरक्षा प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को डिजाइन और संचालित करना है। राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय रेलवे अपराधों और रेल दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच के लिए महत्वपूर्ण फारसिक विशेषज्ञता विकसित करने में भी रेलटेल की सहायता करेगा।
 
राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय रेलटेल के कर्मिकों को उनके साइबर सुरक्षा कौशल को बढ़ाने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक पाठ्यक्रम भी उपलब्ध कराएगा। यह समझौता ज्ञापन रेलटेल और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के लिए स्ट्रैटजिक और रक्षा क्षेत्र से संबंधित परियोजनाओं में सहयोग करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
 
साझेदारी के बारे में बात करते हुए, श्री पुनीत चावला, सीएमडी/ रेलटेल ने कहा, "हम इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से बड़े पैमाने पर आपसी विकास के अवसर देखते हैं।
 
राष्ट्रीय फोरेसिक विज्ञान विश्वविद्यालय ने साइबर सुरक्षा, फोरेंसिक विज्ञान आदि के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा को प्रमाणित किया है और यह सहयोग हमें रेलवे, रक्षा और अन्य स्ट्रेटजिक क्षेत्रों में हमारे सेवा स्तर बढ़ाने में मदद करेगा जो भारत की विकास गाथा में हमारी भूमिका को दर्शाते हैं।
 
अवसर पर चर्चा करते हुए, डॉ जे. एम. व्यास, उपकुलपति, राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय ने कहा, "रेलटेल और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय दोनों के पास विविध क्षेत्रों में विशेषज्ञता है और नॉलेज साझा करने के लिए यह सहयोग दोनों पक्षों के लिए लाभकारी साबित होगा। हमारे इस सहयोग के परिणाम निश्चित रूप से आत्मानिर्भर भारत' और मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने की दिशा में होंगे।
 
रेलटेल के बारे में-
 
रेलटेल एक "मिनी रत्न (श्रेणी-I)" केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है, जो देश के सबसे बड़े तटस्थ दूरसंचार अवसरचना प्रदाताओं में से एक है, जिसके पास देश के कई कस्बों और शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करने वाला एक अखिल भारतीय ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क है।
 
ऑप्टिक फाइबर के 60000 मार्गकिलोमीटर के एक मज़बूत विश्वसनीय नेटवर्क के साथ, रेलटेल के दो टियर III डेटा सेंटर भी है। अपने अखिल भारतीय उच्च क्षमता नेटवर्क के साथ, रेलटेल विभिन्न मोर्चों पर एक नॉलेज सोसाइटी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है और इसे दूरसंचार क्षेत्र में भारत सरकार के लिए विभिन्न मिशन मोड परियोजनाओं के क्रिर्यान्वयन के लिए चुना गया है।
 
रेलटेल एमपीएलएस-बीपीएन, टेलीप्रेजेंस, लीज लाइन, टॉवर को-लोकेशन, डाटा सेंटर सेवाएं आदि जैसी सेवाओं का एक समूह उपलब्ध कराती है। रेलटेल भारतीय रेलों के साथ मिलकर देश भर के स्टेशनों पर सार्वजनिक बाई-फाई उपलब्ध कराकर रेलवे स्टेशनों को डिजिटल हब में परिवर्तित करने के लिए भी कार्य कर रही है।।