भारत को मिल सकती है पहली महिला CJI, जस्टिस बीवी नागरत्ना महिला मुख्य न्यायाधीश बनने की कतार में सबसे पहले।
<p> <span [removed]="" 14.4px;"="">न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना वर्तमान में कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश हैं।</p>

भारत मे पहली महिला मुख्य न्यायधीश के रूप में जस्टिस बी वी नागरत्ना को देखा जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना के नेतृत्व में, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने शीर्ष अदालत में पदोन्नति के लिए नौ न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की है। जिनमें न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना भी शामिल है।
न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना वर्तमान में कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश हैं।
न्यायमूर्ति नागरत्ना ने बेंगलुरु में एक वकील के रूप में शुरुआत की और फरवरी 2008 में कर्नाटक एचसी में एक अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया। दो साल बाद उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया गया।
जस्टिस नागरत्ना के पिता जस्टिस ईएस वेंकटरमैया 1989 में कुछ महीनों के लिए सीजेआई रहे थे। न्यायमूर्ति नागरत्ना के पिता, ईएस वेंकटरमैया, 1989 में लगभग छह महीने के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) थे।
भारत में एक महिला मुख्य न्यायाधीश की मांग होती रही है। गौरतलब है कि अगर केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी दे दी जाती है, तो न्यायमूर्ति नागरत्ना 2027 में एक महीने से अधिक समय के लिए CJI होंगे।
उनका एक महीने का कार्यकाल होने की संभावना है। उनकी नियुक्ति देश की न्यायपालिका के लिए ऐतिहासिक क्षण होगी।
