बीते वर्ष कोरोना के कारण लाखों कामगार व निजी कर्मचारीयों की नौकरी पर संकट आ पड़ा था।  कोरोना की रोकथाम के लिए लगे लॉकडाउन की वजह से कई लोगों को अपनी नौकरी से हाथद तक धोना पड़ा था।

इनके राजमा चावल के साथ इनकी संघर्ष की कहानी के चर्चे अब दिल्ली ही नहीं बल्कि विदेश तक पहुंच चुके हैं और अमेरिका, कनाडा व अन्य देशों से भारतीय इनसे मिलने की चाहत रखते हैं। दरअसल, करन पहले एक सांसद के यहां ड्राइवर का काम करते थे।

दंपती की कहानी व संघर्ष को लेकर गत वर्ष नवंबर में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद दोनों की कहानी को न सिर्फ दिल्ली वासियों ने सराहा बल्कि देश के साथ विदेश तक कहानी के चर्चे हुए। इसके बाद दिल्ली के दूर दराज के लोग दंपती से मिलने व मदद के लिए पहुंचे। करन ने बताया कि वर्तमान में अमेरिका, कनाडा व अन्य देशों में रह रहे भारतीयों ने वीडियों देखने के बाद मिलने की मंशा जताई है। साथ ही विदेश में भी उनके राजमा व छोले चावल प्रसिद्ध हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इसमें विदेश में पढ़ रहे विद्यार्थियों का समूह भी शामिल है जो मिलने की चाहत रखता है। दंपती ने बताया कि भविष्य में कभी होटल चलाने का सोचा नहीं था। अब इसी के सहारे जीवन चलाने का मन बना लिया है। यही वजह है कि भविष्य में अब अपना रेस्तरां खोलने का प्रयास है। दंपती ने बताया कि जनवरी के बाद से काम हल्का हो गया है, लेकिन आगे भी उम्मीद जारी रहेगी।

(Anjul Tyagi)