स्कूल खुलने से पहले हिमाचल के 541 शिक्षक कोरोना पॉजिटिव पाए गए
<p> अभिभावकों की बड़ी चिंता बच्चों को कैसे भेजें स्कूल</p> <p> </p>

हिमाचल प्रदेश,शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा स्कूलों में शिक्षकों के लिए कोविड टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। स्कूलों में अब कोई भी शिक्षक बिना को भी टेस्ट नेगेटिव रिपोर्ट के उपस्थित हो सकेगा। हालांकि इस परिस्थिति के बाद हिमाचल सरकार व स्कूल ओपन करने की संभावनाओं पर अंकुश लग सकता है क्योंकि 31 जनवरी 2021 के बाद से प्रदेश सरकार द्वारा करीब 20750 शिक्षकों के कोई टेस्ट का सैंपल लिया गया जिसमें 541 शिक्षक पॉजिटिव पाए गए हैं जिसके चलते अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर संशय बना हुआ है एक तरफ जहां प्रदेश सरकार ने स्कूलों में बच्चों को भेजने के लिए सारी जिम्मेदारी अभिभावकों की इच्छा पर निर्भर कर दिया है वहीं दूसरी तरफ शिक्षकों के लगातार पॉजिटिव आने के चलते अभिभावकों में अब असुरक्षा की भावना पनपने लगी है कोरोना को लेकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक डरे हुए हैं और सरकार से उम्मीदें जता रहे हैं कि सरकार स्कूलों को खोलने के लिए जल्दबाजी ना करें वहीं दूसरी तरफ कोरोना के चलते बच्चों की शिक्षा के ऊपर जो दुष्प्रभाव देखने को पर मिल रहे हैं उसे भी अभिभावकों की परेशानियां बढ़ी हुई है 1 बच्चों की जिंदगी को लेकर अभिभावकों में चिंता का भाव देखा जा रहा है वहीं दूसरी तरफ बच्चों की शिक्षा को लेकर भी अभिभावक परेशान है।
हालांकि स्कूलों को बंद करने को लेकर सरकार का अभी कोई फैसला नहीं आया है परंतु शिक्षकों के लगातार पॉजिटिव आने को लेकर सरकार की भी चिंताएं बढ़ी हुई है ऐसे हालात में क्या सरकार स्कूलों को खोले जाने की के निर्णय को बनाए रखेगी या बच्चों की सुरक्षा के चलते ऑनलाइन शिक्षा का पैटर्न है अपना कर आगे बढ़ेगी यह सवाल बना हुआ है।
कोविड सुरक्षा को लेकर स्कूलों में शिक्षकों के कोविड टेस्ट को अनिवार्य करते हुए शिक्षा मंत्री गोबिंद ठाकुर ने कहा कि संस्थानों को खोलने से पहले कोविड प्रोटोकॉल के तहत शिक्षक के लिए कोविड परीक्षण अनिवार्य नहीं किया गया था। इसके अलावा, एहतियाती आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने 20750 शिक्षकों का परीक्षण किया।
कांगड़ा जिले में 9655 शिक्षकों की कुल परीक्षा में 140 परीक्षण सकारात्मक पाए गए। शिमला जिले में 691 में से 78 परीक्षण सकारात्मक पाए गए, 72 में ऊना में 2349 में से 72, 2575 के मंडियो में 65, 2007 में सिरमौर में 47, चंबा में 42 में से 2169 में से 35, हमीरपुर में 35 में से 82123 में से सोलन में। 133 में 21, कुल्लू में 36 में से 18, बिलासपुर में क्रमशः 114 में से 18 हैं।
उन्होंने कहा कि लाहौल स्पीति जिले में 200 शिक्षकों का परीक्षण किया गया था लेकिन किन्नोर जिले में शिक्षकों के सकारात्मक परीक्षण नहीं आए थे।
