QS World Rankings: टॉप 100 में भारत के 12 संस्थानों को मिली जगह, शिक्षा मंत्री ने की सराहना
<div> IIT मद्रास अपने पेट्रोलियम इंजीनियरिंग प्रोग्राम के लिए 30वें रैंक पर है. आईआईटी बॉम्बे ने 41वां स्थान हासिल किया है. वहीं, खनिज एवं खनन इंजीनियरिंग क्षेत्र में प्रतिष्ठित क्यूएस सब्जेक्ट रैंकिंग में आईआईटी खड़गपुर ने शीर्ष 50 संस्थानों में जगह बनाई है, जबकि कृषि एवं वन के क्षेत्र में यह भारत के शीर्ष संस्थान के तौर पर उभरा है. </div> <div> </div>

नई दिल्ली: क्यूएस वल्र्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स (QS World University Ranking) में इस साल 12 संस्थानों को टॉप 100 में जगह मिली है. रिपोर्ट के मुताबिक क्यूएस रैकिंग (QS World Ranking) में टॉप 100 संस्थानों में स्थान बनाने वाले 12 भारतीय संस्थानों में आईआईटी बाम्बे, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मद्रास, आईआईटी खड़गपुर, आईआईएससी बेंगलूर, आईआईएम गुवाहाटी, आईआईएम अहमदाबाद, जेएनयू, अन्ना विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय और ओ पी जिंदल विश्वविद्यालय शामिल हैं.
IIT मद्रास अपने पेट्रोलियम इंजीनियरिंग प्रोग्राम के लिए 30वें रैंक पर है. आईआईटी बॉम्बे ने 41वां स्थान हासिल किया है. वहीं, खनिज एवं खनन इंजीनियरिंग क्षेत्र में प्रतिष्ठित क्यूएस सब्जेक्ट रैंकिंग में आईआईटी खड़गपुर ने शीर्ष 50 संस्थानों में जगह बनाई है, जबकि कृषि एवं वन के क्षेत्र में यह भारत के शीर्ष संस्थान के तौर पर उभरा है.
संस्थान की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि आईआईटी खड़गपुर 2021 में शीर्ष विषय रैंक में 44वें स्थान पर रहा जबकि 2020 में यह 46वें और 2019 में 47वें स्थान पर था. पूरी दुनिया के 1453 संस्थानों में पांच बृहद् विषय के तहत 2021 में कुल 51 विषयों की रैंकिंग की गई है.
क्यूएस विषय रैंकिंग 2021 जारी करने के अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार के भारतीय उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और बेहतरी की दिशा में सतत ध्यान दिए जाने के कारण वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित क्यूएस रैकिंग में भारतीय संस्थानों के प्रतिनिधित्व में महत्वपूर्ण सुधार आया है.
उन्होंने कहा कि NEP 2020 के अनुसार, हम प्रतिभा की पहचान करने और इसे और विकसित करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे. नई शिक्षा नीति प्रतिभा को सामग्री के साथ जोड़ देगा और पेटेंट विकसित करेगा. उन्होंने आगे कहा कि हमें शिक्षा को देश के कोने-कोने तक ले जाना है. हमारे शैक्षणिक संस्थानों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की क्षमता है और हमारे शिक्षण संस्थान यह साबित कर रहे हैं.
