भारतीय रिज़र्व बैंक ने Small ऑफलाइन भुगतान प्रणाली को दी मंज़ूरी
<p> <big><span [removed] 14.4px;">नए नियमों के अनुसार पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर्स ऑफलाइन पेमेंट को फेस टू फेस मोड में ही अनुमति दे सकेंगे। ऐसे भुगतान जो इंटरनेट या दूरसंचार नेटवर्क के उपयोग के बिना होंगे, प्रति लेनदेन 200 रुपये तक सीमित होंगे और बिना अतिरिक्त कारक प्रमाणीकरण के पेश किए जाएंगे।</span></big></p>

NEW DELHI-भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को ऑफ़लाइन मोड के माध्यम से डिजिटल भुगतान पर बॉल रोलिंग की स्थापना करते हुए ऐसे भुगतानों के लिए एक रूपरेखा जारी की, जिसमें प्रति लेनदेन 200 रुपये तक ऑफ़लाइन भुगतान की अनुमति दी गई, जो कि 2,000 रुपये की कुल सीमा के अधीन है।
ऑफ़लाइन डिजिटल भुगतान का अर्थ एक ऐसा लेनदेन है जिसमें इंटरनेट या दूरसंचार कनेक्टिविटी की आवश्यकता नहीं होती है।
नए नियमों के अनुसार पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर्स ऑफलाइन पेमेंट को फेस टू फेस मोड में ही अनुमति दे सकेंगे। ऐसे भुगतान जो इंटरनेट या दूरसंचार नेटवर्क के उपयोग के बिना होंगे, प्रति लेनदेन 200 रुपये तक सीमित होंगे और बिना अतिरिक्त कारक प्रमाणीकरण के पेश किए जाएंगे।
भारतीय बैंक ने कहा , "ऑफलाइन लेनदेन से खराब या कमजोर इंटरनेट या दूरसंचार कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, खासकर अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में तो मिलने की उम्मीद अधिक है।"
बैंक ने 6 अगस्त, 2020 के विकासात्मक और नियामक वक्तव्य में इंटरनेट के बिना स्थानान्तरण पर पायलट परीक्षण करने के अपने इरादे की घोषणा की थी।
गौरतलब है कि कुछ संस्थानों द्वारा ऑफ़लाइन भुगतान शुरू करने के लिए एक पायलट परीक्षण किया गया था।
