OILसीएसआर परियोजना ने सर्वश्रेष्ठ सीएसआर स्वास्थ्य अभियान 2022 के रूप में स्वर्ण पदक जीता; CSR आरोग्य के बारे में जाने

Fri , 20 May 2022, 2:48 pm
OILसीएसआर परियोजना ने सर्वश्रेष्ठ सीएसआर स्वास्थ्य अभियान 2022 के रूप में स्वर्ण पदक जीता; CSR आरोग्य के बारे में जाने
OIL CSR Project Wins Gold Medal

NEW DELHI- ओआईएल सीएसआर परियोजनाओं ओआईएल आरोग्य और ओआईएल शक्ति ने सरकार की अधिकारियों, जूरी और प्रसिद्ध हस्तियों उपस्थिति में हयात रीजेंसी, नई दिल्ली में आयोजित आईएचडब्ल्यू काउंसिल द्वारा आयोजित छठे सीएसआर स्वास्थ्य प्रभाव पुरस्कार 2022 में सर्वश्रेष्ठ सीएसआर स्वास्थ्य अभियान 2022 के रूप में स्वर्ण पदक जीता।
 
OIL आरोग्य,ओआईएल शक्ति पर ध्यान केंद्रित करते हुए, अभिनव मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए एक स्वास्थ्य प्रभाव ग्राउंडब्रेकर के रूप में भी चुना गया था और पूरे भारत के 10 ऐसे ग्राउंडब्रेकर्स के बीच प्रकाशित किया गया था।
 
श्री रामदास अठावले, सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री ने ओआईएल प्रतिनिधियों सुश्री नयना मधु दत्ता, सीनियर एमजीआर सीएसआर, सुश्री शताब्दी गोस्वामी, एमजीआर सीएसआर और सुश्री प्रियश्री गोस्वामी, एमजीआर सीएसआर को पुरस्कार सौंपा। इस अवसर पर श्री शिव खेड़ा भी उपस्थित थे।
 
ओआईएल  सीएसआर
 
ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) का कॉरपोरेट सामाजिक उत्‍तरदायित्‍व (सीआईआर) अपने सामाजिक दृष्‍टिकोण 'ओआईएल एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट  है जो प्रचालन के अपने क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है', सीएसआर और सतत् विकास, डीपीई दिशानिर्देश, 2013; सीपीएसई के लिए सीएसआर और स्थायित्व पर इसकी नीतियों; और कंपनी अधिनियम, 2013, जो 1 अप्रैल, 2014 से लागू हुआ था, से अधिशासित होता है।
 
ओआईएल की सीएसआर परियोजनाएं और कार्यक्रम स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल, पेयजल और स्वच्छता, शिक्षा, सतत् आजीविका, क्षमता निर्माण और महिलाओं के सशक्तिकरण, कौशल विकास, ग्रामीण खेलों, पर्यावरण स्थिरता, ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विस्तार आदि जैसे ध्‍यान दिए जाने वाले अनेक प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है। सीएसआर पहल मुख्य रूप से असम, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, राजस्थान और आंध्र प्रदेश में कंपनी के परिचालन क्षेत्रों में लागू की जाती हैं।
 
CSR आरोग्य: 
 
परियोजना 'आरोग्य', असम राज्य में तिनसुकिया और डिब्रूगढ़ जिलों में ओआईएल के परिचालन क्षेत्रों और आसपास के क्षेत्रों में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) और शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) में कमी लाने के लिए शुरू की गई एक पहल है। 
 
कार्यक्रम का उद्देश्य नवजात शिशुओं की देखभाल के साथ-साथ जीवन के विभिन्न चरणों में मातृ और किशोर स्वास्थ्य समस्याओं का निदान करना है। शुरुआत से ही, कार्यक्रम में प्रसव-पूर्व और प्रसवोत्तर स्वास्थ्य देखभाल, स्वच्छता और साफ-सफाई के प्रति जागरूकता पैदा की जा रही है, जिसके कारण पिछले कुछ वर्षों में ओआईएल के परिचालन क्षेत्रों के लक्षित गांवों में महिलाओं और बच्चों की मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी आई है और उन्‍हें बेहतर स्वास्थ्य प्राप्‍त हुआ है।
 
2012-13 में शुरू हुई इस परियोजना के अंतर्गत, ओआईएल के परिचालन क्षेत्रों में 30 विभिन्न गांवों में 30 से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए हैं, प्रसव-पूर्व और प्रसवोत्तर चेक-अप सुविधाएं प्रदान की जाती हैं और सामुदायिक स्वास्थ्य जागरूकता पैदा की जाती है; इसमें 2000 से अधिक लाभार्थियों (गर्भवती माताओं, किशोरियों, 0-5 वर्ष के बच्चों) को शामिल किया जाता है। कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल सभी गांवों में स्वास्थ्य श्रमिकों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है। 
 
अस्‍पताल में प्रसव कराने, परिवार नियोजन, स्वच्छता, साफ-सफाई, पोषण इत्यादि के लिए नियमित अंतराल पर जागरूकता शिविर लगाए जाते हैं और परामर्श दिया जाता है। स्वच्छ भारत अभियान और परियोजना आरोग्य के अंतर्गत एक संयुक्त पहल द्वारा वित्त वर्ष 2017-18 में, 370 युवा माताओं और तिनसुकिया जिले के गांवों की किशोरियों को सेनिटरी नैपकिन का वितरण किया गया।

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